बार-बार ज्ञापन के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने उपायुक्त से मिलकर स्थायी समाधान की उठाई मांग
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र करनडीह फाटक के समीप वर्षों से बनी जाम नाली और जलजमाव की समस्या एक बार फिर प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गई है। लगातार शिकायतों और कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद हालात जस के तस बने रहने पर जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि लगातार बारिश के कारण करनडीह फाटक के पास मुख्य सड़क पर नाली का गंदा पानी जमा हो जाता है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और आसपास के लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सावन माह शुरू होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए आते-जाते हैं, लेकिन उन्हें गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि करनडीह से परसुडीह, प्रमथनगर, हलुदबनी और सरजामदा को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग हजारों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। ऐसे में वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
जिप के बोल…
“जनता बार-बार अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुंचा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए बंद नालियों की तत्काल सफाई कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
— पूर्णिमा मल्लिक, जिला परिषद सदस्य।
कार्रवाई का मिला भरोसा
उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान क्षेत्र की मुखिया सिनी सोरेन, सेवा ही लक्ष्य संस्था के अध्यक्ष मानिक मल्लिक, संजय सिंह, राकेश दास, राजू दास, महेश राव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर करनडीह फाटक की वर्षों पुरानी जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करेगा।










