फतेह लाइव, रेपोर्टर.
प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत ने वर्ष 2024 के जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में विक्की ठाकुर और सौरभ झा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। दोनों की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार सिंह ने पैरवी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 मई 2026 को शाम करीब 7 बजे राजेश कुमार सिंह कदमा भाटिया बस्ती से लोन की राशि जमा नहीं होने के कारण एक स्कूटी की रिकवरी कर उसे अपने कार्यालय ला रहे थे। इसी दौरान मोहम्मद सिराज, विक्की ठाकुर, सौरभ झा और एक नाबालिग लड़के पर राजेश कुमार सिंह का पीछा करने तथा कथित तौर पर पिस्तौल दिखाकर स्कूटी छोड़ने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। आरोप के अनुसार, स्कूटी नहीं छोड़ने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
घटना के दौरान राजेश कुमार सिंह और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने कथित तौर पर पिस्तौल छीन ली और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को अपने कब्जे में ले लिया।
मामले में एक नाबालिग को पहले ही सुधार गृह से छोड़ दिया गया था। वहीं, 12 अक्टूबर 2026 को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के अभाव में विक्की ठाकुर और सौरभ झा को बरी कर दिया।
इस मामले में विक्की ठाकुर और सौरभ झा की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार सिंह ने अदालत में पक्ष रखा।


































