फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में बेटे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर लगातार थाना का चक्कर लगा रही सोनारी निवासी एक महिला ने रविवार को जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय के बाहर पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर तैनात सुरक्षा गार्ड और आसपास मौजूद लोगों की तत्परता से महिला को समय रहते रोक लिया गया और बड़ी घटना टल गई।
बताया जा रहा है कि महिला के पुत्र ने 26 जुलाई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। महिला का आरोप है कि उसके बेटे का एक युवती से प्रेम संबंध था और इसी मामले को लेकर उसने आत्महत्या की। महिला का दावा है कि युवती भी सोनारी क्षेत्र की रहने वाली है। महिला के अनुसार, बेटे और युवती के बीच हुई बातचीत से संबंधित मोबाइल कॉल डिटेल, फोटो और वीडियो पुलिस के पास मौजूद हैं। इसके बावजूद सोनारी थाना पुलिस ने अब तक न तो युवती से पूछताछ की और न ही उसके परिजनों से पूछताछ की गई।
महिला का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद से वह लगातार सोनारी थाना का चक्कर लगा रही है। उसका कहना है कि कई बार उसे घंटों थाना में बैठाकर रखा जाता है और प्रतिदिन थाना में हाजिरी लगाने के लिए कहा जाता है। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई से वह मानसिक रूप से काफी परेशान और टूट चुकी है।
न्याय की उम्मीद लेकर महिला रविवार को जमशेदपुर एसपी कार्यालय पहुंची थी। वह एसपी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखना चाहती थी, लेकिन मंत्री के निधन के कारण कार्यालय बंद होने से उसकी मुलाकात एसपी से नहीं हो सकी। इसके बाद महिला कथित तौर पर काफी निराश हो गई और उसने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और आसपास के लोगों ने तत्काल महिला को पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। इस तरह समय रहते हस्तक्षेप होने से महिला की जान बच गई।
घटना के बाद सोनारी थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। महिला का आरोप है कि वह अपने बेटे की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार थाना का चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, महिला के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेटे की आत्महत्या के मामले में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध बताए जा रहे मोबाइल कॉल डिटेल, फोटो एवं वीडियो की पुलिस ने किस स्तर पर जांच की है। यदि महिला की शिकायत में तथ्य हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।



































