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Jharkhand politics: सीता सोरेन के भाजपा में जाते ही पूर्व सीएम हेमंत की पत्नी कल्पना संग कई ने दी थी प्रतिक्रिया,अब वह बोली मुंह ना खुलवाएं वरना बच्चों से उजागर..!

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फतेह लाइव रिपोर्टर
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बड़ी बहू और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी भाभी सीता सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक और समस्त पदों से इस्तीफा देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया है जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. इसी बीच उन पर झामुमो के कतिपय पर नेताओं यहां तक की पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने भी पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अकाउंट से ट्वीट कर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और तो और कई लोग सीता सोरेन के भाजपा में जाने पर इसे राजनीतिक लाभ के लिए कदम बता रहे हैं। इसके बाद भाजपा नेत्री जो पूर्व में झामुमो में थी उन्होंने भी X ट्विटर पर मोर्चा खोलते हुए कहा है कि उनके पति स्वर्गीय दुर्गा सोरेन के नाम की दुहाई देकर घड़ियाल आंसू बहाने वालों से विनती है कि मुंह ना खुलवाएं वरना बच्चों से सारा सच उजागर करवा दूंगी।
उन्होंने कहा कि मेरे पति स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी के निधन के बाद से मेरे और मेरे बच्चों के जीवन में जो परिवर्तन आया, वह किसी भयावह सपने से कम नहीं था। मुझे और मेरी बेटियों को न केवल उपेक्षित किया गया, बल्कि हमें सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी अलग-थलग कर दिया गया।ईश्वर जानता है कि मैंने इस दौर में अपने बेटियों को कैसे पाला है। मुझे और मेरी बेटियों को उस शून्य में छोड़ दिया गया, जहां से बाहर निकल पाना हमारे लिए असंभव लग रहा था। मैंने न केवल एक पति खोया, बल्कि एक अभिभावक, एक साथी और अपने सबसे बड़े समर्थक को भी खो दिया।मेरे इस्तीफे के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है। यह मेरी और मेरी बेटियों की पीड़ा, उपेक्षा और हमारे साथ हुए अन्याय के खिलाफ एक आवाज है। जिस झारखंड मुक्ति मोर्चा को मेरे पति ने अपने खून-पसीने से सींचा, वह पार्टी आज अपने मूल्यों और कर्तव्यों से भटक गई है। मेरे लिए, यह सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि मेरे परिवार का एक हिस्सा था। मेरा निर्णय भले ही दुःखदायी हो, लेकिन यह अनिवार्य था। मैंने समझ लिया है कि अपनी आत्मा की आवाज़ सुनना और अपने आदर्शों के प्रति सच्चे रहना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।मैं समस्त झारखंडवासियों से अनुरोध करती हूं कि मेरे इस्तीफे को एक व्यक्तिगत संघर्ष के रूप में देखें, न कि किसी राजनीतिक चाल के रूप में झारखंड और झारखंडियों के लिये अपने जीवन का बलिदान देने वाले स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी के नाम की आज दुहाई देकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले लोगों से विनती है कि मेरे मुँह में अंगुली नहीं डालें।वरना अगर मैं और मेरे बच्चों ने मुँह खोलकर भयावह सच्चाई उजागर किया तो कितनों का राजनैतिक और सत्ता सुख का सपना चूर चूर हो जायेगा और झारखंड की जनता वैसे लोगों के नाम पर थूकेंगी जिन्होंने हमेशा से दुर्गा सोरेन और उनके लोगों को मिटाकर समाप्त करने की साज़िश की है।
देखें ट्वीट
https://x.com/SitaSorenMLA/status/1770434052664758447?s=08

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