ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत चार नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बचाया, तमिलनाडु ले जाने की थी तैयारी
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लोहरदगा ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान चार नाबालिग बालिकाओं को सकुशल मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रोजगार दिलाने के बहाने तमिलनाडु ले जाया जा रहा था।
आरपीएफ को 5 अगस्त को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग बालिकाओं को दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा की टीम ने रेलवे स्टेशन पर संयुक्त निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित फुट ओवरब्रिज के समीप एक संदिग्ध व्यक्ति नाबालिग बालिकाओं के समूह के साथ मिला। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। उनकी पहचान नंदकुमार वी. (47), निवासी कोयंबटूर, तमिलनाडु तथा बिनीता कुमारी (28), निवासी विशुनपुर, जिला गुमला, झारखंड के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे चारों नाबालिग बालिकाओं को अधिक वेतन का लालच देकर तमिलनाडु के एक वस्त्र उद्योग में काम दिलाने के लिए ले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि किसी भी बालिका के पास आरक्षित रेल टिकट नहीं था और सभी सामान्य टिकट पर यात्रा कर रही थीं।
आरपीएफ ने मामले को मानव तस्करी एवं अवैध श्रमिक परिवहन से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों, चारों बालिकाओं और संबंधित दस्तावेजों को प्राथमिकी दर्ज करने एवं आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लोहरदगा की मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) को सौंप दिया गया।
इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक सुदर्शन पिंग, सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, महिला प्रधान आरक्षी कल्पना कुमारी, आरक्षी शुभम कुमार, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल कुमार तथा प्रधान आरक्षी रंजीत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान से चार नाबालिग बालिकाओं को संभावित मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सका।
















