हर दिन कुछ न कुछ ऐसा नया एपिसोड जिससे किसी की नजर हटना मुश्किल
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में वेज रिवीजन के प्रस्तावित समझौता की राह किसी वेब सीरीज की तरह हो गई है. वेज की वेब सीरीज में लगातार ऐसे नए एपिसोड प्रसारित हो रहे हैं कि किसी के लिए भी नजर हटा पाना वाकई मुश्किल है. इसमें सस्पेंस है, डिफेंस है, एक्शन है, इमोशन है, ड्रामा है, फाइट है. थ्रेट है और फेयर भी. और भी बहुत कुछ.
ऐसा हो भी क्यों ना. महज सात माह बाद टाटा स्टील के मान्यता प्राप्त मजदूर संगठन टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव होना है. वेज रिवीजन के समझौता में 18 माह की देरी हो चुकी है. निकट भविष्य में चुनाव है तो सबको अपनी कुर्सी का डर है और अटल सत्य यह भी है कि कोई अपनी कुर्सी गंवाना नहीं चाहता. सो, वेज की इस वेब सीरीज में बहुत रोमांच अभी बाकी है.
सुबह-सुबह टुन्नू के आवास पर धमक गये एनएस के कमेटी मेंबर
चेतावनी दी कि वेज बढ़िया नहीं तो 84 कमेटी मेंबर देंगे इस्तीफा
टाटा स्टील में तकरीबन सात हजार कर्मचारी एनएस ग्रेड के हैं. अगले यूनियन चुनाव में सत्ता की चाभी उनके हाथों में होगी. ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों से एनएस कर्मचारियों के वेतनमान की कोई तुलना ही नहीं है. वेज की वार्ता की प्रगति पर एनएस के कमेटी मेंबरों को ठोस अपडेट नहीं मिल रहा है. आखिरकार सोमवार को उनके धैर्य का बांध टूट गया. सुबह सुबह यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी के आदित्यपुर आवास पर एनएस के 22 कमेटी मेंबर धमक गये. चेतावनी दे डाली कि टाटा स्टील में कर्मचारियों का वेतन समझौता खराब हुआ तो टाटा वर्कर्स यूनियन में एनएस के सभी 84 कमेटी मेंबर सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. सभी कमेटी मेंबरों ने सामूहिक इस्तीफा पर हस्ताक्षर भी कर दिया है.
टुन्नू चौधरी की जुबान मीठी है. उद्वेलित कमेटी मेंबरों को शांत करने का प्रयास किया. उनसे ज्ञापन भी लिया. ज्ञापन में एनएस के डीए का प्रति प्वाइंट वैल्यू तीन से बढ़ा कर छह रुपये करने, एमजीबी 30 प्रतिशत और सालाना बढ़ोत्तरी ओल्ड सीरीज की तरह तीन प्रतिशत कराने की मांग की गई. एनएस के कमेटी मेंबरों ने यूनियन अध्यक्ष से कहा कि यदि यह सब संभव नहीं है तो वेतन समझौता सात की जगह पांच साल का किया जाए. यद्यपि, एपिसोड यही नहीं रुका. शाम तक वेज वेब सीरीज के कई नए एपिसोड तैयार हो गए.
शाम में यूनियन अध्यक्ष ने धमकाया कि संभल कर रहें, एक्शन हो सकता है
मजदूर एकता का भय भी दिखा, बोले कि चुनाव में गुस्सा उतार लीजिएगा
टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष टुन्नू चौधरी के आवास पर सोमवार की सुबह सिर्फ 22 कमेटी मेंबर गए थे. शाम में यूनियन कार्यालय में एनएस ग्रेड के सभी 84 कमेटी मेंबर जुट गए. ओल्ड ग्रेड के भी दर्जनों कमेटी मेंबरों का जुटान हो गया. यूनियन के अधिकतर ऑफिस बेयरर्स भी मौजूद थे. यूनियन अध्यक्ष को फोन कर बुलाया गया. उन्हें आना पड़ा. सुबह से सामूहिक इस्तीफा की बात सुन रहे टुन्नू चौधरी ने तेवर गरम किया. बोले कि कंपनी का विजिलेंस लगा हुआ है. एक्शन हो जाएगा तो बचाने के लिए उन्हें ही जाना पड़ेगा. यूनियन अध्यक्ष को अपनी चेतावनी असरहीन प्रतीत हुई तो मजदूर एकता को भांप कर सबको सहलाने के अंदाज में बोल गए कि चुनाव में जो गुस्सा उतारना होगा, उन पर उतार लीजिएगा.
लंबित वेतन समझौते में एनएस ग्रेड को किस तरह का लाभ दिलाएंगे, इस पर टुन्नू ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया. उन्होंने कहा कि पिछला वेतन समझौता 19 माह देर से हुआ था. इस बार अभी तक 18 माह की देरी है. कुछ विषयों पर जिच है. अभी खुलकर नहीं बता सकते हैं. प्रबंधन से वार्ता चल रही है. अंतिम दौर में एमडी से बात करेंगे. यूनियन अध्यक्ष बोले कि टाटा स्टील प्रबंधन उन लोगों पर भी कुछ सुविधाएं छोड़ने का दबाव बना रहा है.
पूर्व के यूनियन अध्यक्षों ने भी कई सुविधाएं छोड़ी थी. रघुनाथ पांडेय के समय में ओल्ड सीरीज बंद हुआ. एनएस ग्रेड बना. पीएन सिंह के समय बेसिक पर इंक्रीमेंट फ्रीज हुआ. वेतन समझौता पांच से बढ़कर छह साल हुआ. पूर्व अध्यक्ष रवि प्रसाद के समय में डीए फ्रीज हुआ और नई कंपनी बनी. एनएस के कमेटी मेंबरों ने वेज रिवीजन पर सवाल जवाब करने का प्रयास किया तो टुन्नू चौधरी निकल गए.
टुन्नू चौधरी को पहली बार सार्वजनिक तौर पर डॉक्टर आलम ने दिखाया आईना
बोले, पूर्व अध्यक्षों के कुछ चीजें छोड़ने के बदले में क्या लिया वह भी बताइए
टाटा के शहर की मजदूर राजनीति में डॉक्टर शाहनवाज आलम की पहचान एक ऐसे चेहरे के तौर पर है जो चाणक्य की भूमिका निभाते रहे हैं. अगर ठान लिया तो कुर्सी पलट देते हैं. डॉक्टर आलम ने ऐसा व्यक्तित्व बनाया है जो सार्वजनिक तौर ऊलजलूल नहीं बोलते. एनएस के कमेटी मेंबरों के बीच टुन्नू चौधरी ने पूर्व अध्यक्षों के दौर मजदूरों की कई सुविधाएं खत्म होने की सिर्फ बात रखी तो यूनियन उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम के सब्र का पैमाना झलक गया. टुन्नू से मुखातिब हुए.
बोले कि यह भी बताइए कि सुविधाएं खत्म होने के बदले क्या नया पाया गया. फिर खुद बताया कि पीएन सिंह के कार्यकाल में एनएस ग्रेड कर्मचारियों के लिए टेप्स शुरू हुआ. रवि प्रसाद के समय टोटल परफार्मेंस रिवार्ड शुरू कराया. रजिस्टर्ड रिलेशन में 500 नौकरी मिली. बंद हो रहे मेडिकल एक्सटेंशन के लिए बढ़िया राशि ली गई. आलम ने सुझाव दिया कि यदि सभी कर्मचारियों में 100 रुपये बांटना है तो 35 रुपये ओल्ड सीरीज और 65 रुपये न्यू सीरीज को मिले.




