रांची समेत कई जिलों में सुबह से बारिश, कांके डैम और जलप्रपातों का बढ़ा जलस्तर; रामगढ़ में पतरातू डैम और भैरवी नदी को लेकर प्रशासन सतर्क
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
झारखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल रही हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वज्रपात की आशंका भी जताई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों को पार कर चुका है। इसके प्रभाव से झारखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है।
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। वज्रपात की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के आसपास खड़े नहीं रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
कांके डैम और जलप्रपातों में बढ़ा पानी
लगातार बारिश के कारण रांची के कांके डैम समेत कई जलस्रोतों और जलप्रपातों में पानी का स्तर बढ़ गया है। तेज बारिश के चलते कुछ जलप्रपातों में पानी का बहाव भी तेज हो गया है। ऐसे में पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रामगढ़ में पतरातू डैम और भैरवी नदी को लेकर अलर्ट
रामगढ़ जिले में झमाझम बारिश के बाद पतरातू डैम, भैरवी नदी और जिले के कई नदी-नालों एवं जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जगहों पर पानी का बहाव भी तेज हो गया है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को नदी, नाले, डैम और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। खासकर तेज बहाव वाले स्थानों पर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की गई है।
सैलानियों से प्रशासन की खास अपील
रामगढ़ जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ जिले में घूमने आने वाले सैलानियों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक जलस्रोतों के करीब जाने से बचें। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है, इसलिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
मौसम विभाग ने इससे पहले भी 23 सितंबर को कई स्थानों पर गरज के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की थी।




































