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Jamshedpur : प्रधानाचार्य अनुपमा रानी गौतम सेवानिवृत, सरयू ने उनके कार्यों को किया स्मरण

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उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भाटिया बस्ती के विकास कथा को साहित्य का रुप दिया जाए

‘गड्ढा स्कूल’ का टैग खत्म, अब प्रयोगधर्मिता और विकास के लिए जाना जाता है विद्यालय

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भाटिया बस्ती, कदमा की प्रधानाचार्य अनुपमा रानी गौतम ने आज अवकाश ग्रहण किया। विद्यालय परिसर में उनका विदाई समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने उनकी भावी जीवन की सफलता की कामना की। राय ने विद्यालय की प्रगति में उनके योगदान को सराहा और एकत्र जनसमूह को बताया कि कभी ‘गढ्ढा स्कूल’ के विशेषण से अभिशप्त इस प्राथमिक विद्यालय को सरकार बंद करना चाहती थी क्योंकि यहां न विद्यारंभ रहे थे, न क़ायदे का भवन था, न ही कोई रास्ता था। यह परिसर गढ्ढा में होने के कारण जलजमाव एवं गंदगी का केन्द्र बन गया था।

राय ने कहा कि विधायक एवं मंत्री के रूप उन्होंने इसके विकास की योजना बनायी। विद्यालय परिसर हो गया, विद्यालय उत्त्क्रमित होकर मध्य विद्यालय बन गया। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ गई। यह एक सफल प्रयोग के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेशक अनुपमा जी रिटायर हो गई हैं पर वह समाज-जीवन में जहां भी रहेंगी, अपनी कीर्ति पताका फहराती रहेंगी।

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उन्होंने कहा कि यह विद्यालय किस तरह से आगे आया, इस पर सभी लोग मिल कर सोचें और साहित्य रचना करें। एक पुस्तक या स्मारिका निकालें। सभी से लिखवाएं। चाहे वो शिक्षक रहे हों या गैर शिक्षक कर्मचारी रहे हों। वह पुस्तक देश के लिए नजीर बन जाएगी। लोग पढ़ेंगे कि इस विद्यालय को आगे बढ़ाने के लिए कैसे-कैसे प्रयोग किये गए और वे कितने सफल रहे।

विद्यालय के बेहद शुरुआती दौर के चित्र होंगे, बीच के वक्त के चित्र होंगे और आज के वक्त के भी चित्र होंगे। इन सभी चित्रों को उस पुस्तक में स्थान दिया जाए। यह शानदार काम होगा जो लंबे समय तक लोग याद रखेंगे। कार्यक्रम में विद्यालय से जुड़े दर्जनों पूर्व शिक्षक उपस्थित थे। सभी ने विद्यालय की उन्नति के सफल प्रयोग को स्मरण किया।

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