पटना में अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की बैठक में पूर्वी सिंहभूम ने रखा रिपोर्ट कार्ड, सदस्यता और संगठन विस्तार के मॉडल की सराहना
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की तृतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पटना में राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में देशभर के प्रांतों की संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता विस्तार और भावी योजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की उपलब्धियों ने राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई। खासकर जमशेदपुर के गोपाल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय राजस्थान महोत्सव-2026 को राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अनुकरणीय और ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए खुलकर सराहा।

झारखंड की ओर से पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल में पूर्वी सिंहभूम के कोषाध्यक्ष विजय कुमार गोयल भी मौजूद रहे। प्रतिवेदन में बताया गया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए महापंचायत और संपत्ति संरक्षण मंडल का गठन किया गया, नियमित कार्यसमिति एवं स्थायी समिति की बैठकें हो रही हैं, जमशेदपुर में दो नई शाखाएं शुरू की गई हैं और दुमका में 101 कपल सदस्य बनाए गए हैं। सत्र 2025-27 के दौरान 1027 आजीवन सदस्य, दो संरक्षक सदस्य और दो विशिष्ट संरक्षक सदस्य जोड़कर सदस्यता अभियान को नई ऊंचाई दी गई।
बैठक में पूर्ववर्ती प्रांतीय समिति द्वारा खरीदे गए प्रांतीय कार्यालय का हस्तांतरण अब तक वर्तमान समिति को नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा मुकेश मित्तल ने सदस्यता प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष रखते हुए कहा कि एक हजार से अधिक नए सदस्य बनने के बावजूद अधिकांश सदस्यों को अब तक लैपल पिन, सदस्यता प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र नहीं मिले हैं। उन्होंने मांग की कि सदस्यता शुल्क मिलने के 30 दिनों के भीतर सभी सदस्यों को आवश्यक दस्तावेज और सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विशेष रूप से जमशेदपुर में आयोजित राजस्थान महोत्सव-2026 की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन राजस्थान की संस्कृति, लोक परंपरा, खान-पान, हस्तशिल्प और सामाजिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने वाला राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट आयोजन था। साथ ही यह नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और संगठन की कार्यक्षमता प्रदर्शित करने का प्रभावी उदाहरण बना। कार्यकारिणी ने पूर्वी सिंहभूम जिला और झारखंड प्रांत की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल बताया।
बैठक में विभिन्न प्रांतों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, वित्तीय प्रबंधन और आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया तथा संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।










