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Jamshedpur : छतीसगढ़ के व्यापारी की अग्रिम जमानत नामंजूर

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खराब क्वालिटी का कोयला आपूर्ति करने का है आरोप

फतेह लाइव, रिपोर्टर। 

वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड को तकरीबन 11 करोड रुपए कीमत के कोयले की आपूर्ति में गड़बड़ी करने के आरोपी एवं छत्तीसगढ़ के व्यापारी ऋषभ गोयल आकाश अग्रवाल एवं नंदू अग्रवाल की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय में अभियुक्त ऋषभ गोयल, आकाश अग्रवाल, नंदू अग्रवाल का पक्ष अधिवक्ता प्रकाश झा, छत्तीसगढ़ के अधिवक्ता ठाकुर मोहन एवं आर तिवारी ने रखा।

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इन्होंने बचाव के लिए कई प्रावधान का उल्लेख किया, परंतु सूचक कुणाल भालोटिया ओर से सहायक लोक अभियोजक राजीव कुमार एवं अधिवक्ता सुशील कुमार जायसवाल, सुधीर कुमार पप्पू, बबिता जैन ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा, जिसमें दलील दी गई कि मामला अनुसंधान के क्रम में है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान कर रही है और यदि जमानत मिलती है तो मामले को प्रभावित किया जा सकता है। इसके साथ ही क्वालिटी कंट्रोल के उप महाप्रबंधक दुलार राम साहू के स्वीकारोक्ति बयान का भी हवाला दिया गया। उप महाप्रबंधक ने स्वीकार किया कि उसने आठ लाख रूपए आरोपियों से घूस लेकर घटिया कोयले की आपूर्ति को भी ओके कर दिया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वनराज स्टील के कुणाल भालोटिया ने जीएसआर इंटरप्राइजेज रायपुर के ऋषभ गोयल, आकाश कुमार, नंदू अग्रवाल को 11,08, 47,435 रूपए कीमत का बीस हजार टन 45 एफसी ग्रेट कोयले की आपूर्ति करने के लिए परचेज ऑर्डर दिया था।स्पंज आयरन निर्माण में उक्त कोयले का उपयोग करने पर पाया गया कि मशीन खराब हो रही है और जांच करने पर उक्त कोयला 36 एफसी ग्रेड का निकला।

कुणाल के अनुसार प्रति टन ₹4000 मूल्य का अंतर है जिससे उन्हें 4,85,16,000 रुपए का नुकसान हुआ और मशीन की मरम्मत में भी 3 करोड रुपए लगाने पड़ेंगे। जांच के क्रम में उप महाप्रबंधक ने स्वीकार किया कि उसने घूस लेकर अभियुक्तों के पक्ष में माल ओके किया था। इसके बाद ही बिस्टूपुर थाना में उक्त मामला दर्ज कराया गया।

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