राष्ट्रीय सचिव अब्दुल कलाम रसीदी के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधिमंडल, पुलिस-बार समन्वय और मानवाधिकार संबंधी कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स (आईएएल) का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य एवं झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अब्दुल कलाम रसीदी के नेतृत्व में गुरुवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा, कैदियों के अधिकारों और पुलिस-बार समन्वय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया।
ज्ञापन में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानकों के अनुरूप हिरासत की स्थितियों को अधिक मानवीय बनाने, बीएनएसएस की धारा 479 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन कर विशेष रूप से जनजातीय कैदियों की समयबद्ध रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा प्रत्येक आरोपी को अपनी पसंद के अधिवक्ता से मामले की जांच, पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया के हर चरण में निर्बाध संपर्क का अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए सभी पुलिस थानों में महिला पुलिस अधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति और सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करने, अधिवक्ताओं एवं पुलिस के बीच सौहार्दपूर्ण पेशेवर संबंध विकसित करने, मानवाधिकार, व्यावसायिक नैतिकता एवं संवैधानिक मूल्यों पर संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा जिला स्तर पर समन्वय समितियों के गठन की भी मांग की। एसएसपी से इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
अब्दुल कलाम रसीदी (राष्ट्रीय सचिव, इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स), पीपी भगत, दिलीप महतो, एससी वर्णवाल, सुरेन्द्र यादव, बीरेन्द्र सिन्हा सहित अन्य अधिवक्ता।










