गैंगस्टर के करीबी रहे अशोक उर्फ राघव की सिटी एसपी से शिकायत, मची खलबली
हथियार के बल पर धमकाने, जबरन हस्ताक्षर कराने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
सिटी एसपी ने संबंधित थाना को जांच का दिया आदेश
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के रामदास भट्ठा निवासी भूपेंद्र सिंह ने सोनारी एरोड्राम के पास रहने वाले अशोक कुमार सिंह एवं अन्य लोगों पर पावर ऑफ अटॉर्नी के कथित दुरुपयोग, करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति हड़पने के प्रयास तथा हथियार के बल पर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को सिटी एसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद सिटी एसपी ने मामले की जांच के लिए संबंधित थाना को निर्देश दिया है।
सीएच एरिया की संपत्ति हड़पने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी हॉउस नंबर- छह स्थित सीएच एरिया स्थित संपत्ति को अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव कथित तौर पर अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। आरोप है कि वर्ष 2024 में पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित प्रक्रिया के दौरान उन्हें और उनके परिवार को दबाव में रखा गया तथा संपत्ति एवं आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
हथियार दिखाकर धमकाने का लगाया आरोप
भूपेंद्र सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 3 फरवरी 2024 को अशोक कुमार सिंह उनके घर पहुंचे और कथित रूप से हथियार के बल पर धमकाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें परिवार समेत गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और संपत्ति छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में परिवार के सदस्यों को वाहन से पुरुलिया ले जाकर विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने तथा आर्थिक लेन-देन से संबंधित कार्रवाई के लिए दबाव बनाया गया।
पावर ऑफ अटॉर्नी के बाद करोड़ों के लेन-देन का दावा
शिकायत में भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि पावर ऑफ अटॉर्नी से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर उनके बैंक खातों से RTGS, चेक और नकद के माध्यम से बड़ी रकम का लेन-देन कराया गया। उन्होंने विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम पर रकम स्थानांतरित किए जाने का भी आरोप लगाया है।शिकायतकर्ता का दावा है कि फरवरी 2024 से जुलाई 2024 के बीच इस प्रकार के कई लेन-देन हुए और कुल रकम करोड़ों रुपये तक पहुंचती है।
सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें तथा उनके परिवार के सदस्यों को दबाव में लेकर कुछ दस्तावेजों और कथित तौर पर सादे कागजों पर भी हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने पुलिस से बैंक खातों में हुए सभी संबंधित लेन-देन, चेक, RTGS एवं अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
शिकायतकर्ता ने सिटी एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित बैंक खातों एवं लेन-देन की जांच करने तथा आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सिटी एसपी द्वारा संबंधित थाना को जांच का निर्देश दिए जाने के बाद अब पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता, दस्तावेजों, बैंक लेन-देन तथा अन्य संबंधित तथ्यों की जांच करेगी।
आय से अधिक संपत्ति मामले के भी लग चुका है आरोप
वर्ष 2015 में आय से अधिक संपत्ति और राजनेता और रसूखदारों के पैसे को देश-विदेश में खपाने के मामले में भी अशोक सिंह उर्फ राघव (सोनारी एयरोड्राम के समीप निवासी) के खिलाफ कोलकाता हाइकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने आरोप गठित किया था। उस वक्त लगभग 75 करोड़ रुपये के निवेश की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने की थी, जिसके मामले में कोलकाता हाइकोर्ट की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।
राघव पर आरोप था कि उसने करीब 75 करोड़ रुपये का निवेश रियल एस्टेट में किया है, जिसका कोई लेखा जोखा नहीं है. राशि किसकी है, इसका खुलासा नहीं हो पाया था। पटना के कंकड़बाग में भी करीब 6 करोड़ रुपये का निवेश किये जाने का पता चला था। जेल में बंद अखिलेश सिंह का भी पैसा लगाने का भी आरोप था।









































