उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और आदर्श सहकारी समिति से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों पर जालसाजी व आपराधिक विश्वासघात का आरोप
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में करीब 4 करोड़ रुपये के कथित गबन और जालसाजी मामले में आदर्श सहकारी गृह निर्माण स्वावलंबी समिति, सोनारी के पूर्व निदेशक मंडल एवं पूर्व सीईओ समेत आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
मामले में समिति के पूर्व सीईओ योगचंदन यादव, पूर्व डिप्टी सीईओ-1 राजेश यादव, पूर्व प्रबंधक अंकित यादव, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष पार्थ प्रकाश मंधन, पूर्व अध्यक्ष गुरमीत सिंह समेत उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, आदित्यपुर के तत्कालीन बैंक प्रबंधक, कर्मचारियों एवं अन्य पर बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से जालसाजी और राशि के गबन का आरोप है।
मामला शिकायत केस संख्या 1357/2025 के रूप में सरायकेला न्यायालय में दर्ज किया गया था। इसके बाद आदित्यपुर थाना में कांड संख्या 148/2026 दर्ज कर जालसाजी एवं आपराधिक विश्वासघात के आरोपों की जांच की जा रही है।
आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए सरायकेला जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 ने खारिज कर दिया।









































