IMD की Flash Flood Guidance में पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां शामिल; खड़कई खतरे के निशान से 4.10 मीटर और स्वर्णरेखा 1.10 मीटर ऊपर
फतेह लाइव, डेस्क।
झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की Flash Flood Guidance में राज्य के कई जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों को संभावित फ्लैश फ्लड रिस्क वाले क्षेत्र में रखा गया है। इनमें पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां भी शामिल हैं। गाइडेंस 2 सितंबर 2026 को सुबह 11:30 बजे तक के लिए जारी की गई है।
इस बीच जमशेदपुर से आई 1 सितंबर की दोपहर 2 बजे की फ्लड सेल रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक स्वर्णरेखा और खड़कई दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है और दोनों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
खड़कई नदी खतरे के निशान से 4.10 मीटर ऊपर
चांडिल कॉम्प्लेक्स स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के फ्लड सेल की रिपोर्ट के अनुसार आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खड़कई नदी का जलस्तर 133.10 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का स्तर 129.00 मीटर है। यानी खड़कई नदी खतरे के निशान से 4.10 मीटर ऊपर बह रही है।
रिपोर्ट में खड़कई का ट्रेंड ‘Rising’ यानी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है। यह स्थिति आदित्यपुर, जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के नदी तटीय एवं निचले इलाकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
स्वर्णरेखा भी खतरे के निशान से ऊपर
वहीं मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.60 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का स्तर 121.50 मीटर है। यानी स्वर्णरेखा भी 1.10 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसका ट्रेंड भी ‘Rising’ दर्ज किया गया है।
फ्लड सेल की रिपोर्ट के अनुसार ये आंकड़े संबंधित कार्यपालक अभियंताओं से प्राप्त जानकारी तथा मानगो ब्रिज और आदित्यपुर ब्रिज स्थित गेज स्टेशन से संबंधित हैं।
IMD की फ्लैश फ्लड गाइडेंस से बढ़ी चिंता
IMD की गाइडेंस में Garhwa, Palamu, Latehar, Lohardaga, Gumla, Khunti, Seraikela-Kharsawan, East Singhbhum, Simdega और West Singhbhum को संभावित फ्लैश फ्लड रिस्क वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी और जलसंतृप्ति बढ़ने से निचले इलाकों में बारिश का पानी तेजी से जमा होने तथा छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सामान्य जलभराव के साथ-साथ अचानक बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।
मानगो से आदित्यपुर तक नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता जरूरी
जमशेदपुर में मानगो, बागबेड़ा, जुगसलाई, भुइयांडीह, कदमा और सोनारी समेत नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता जरूरी है। दूसरी ओर आदित्यपुर और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी खड़कई के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को लगातार निगरानी रखने की जरूरत है।
ऊपरी जलाशयों और बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदियों का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अगले 24 घंटे अहम, लोगों से सावधानी की अपील
मौसम की मौजूदा स्थिति और दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले 24 घंटे जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के लिए बेहद अहम हैं। लोगों को नदी, नाले, पुलिया और तेज बहाव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें। जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं तथा प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
एक नजर में जानें नदियों की स्थिति
- खड़कई नदी, आदित्यपुर: 133.10 मीटर
- खड़कई का खतरा स्तर: 129.00 मीटर
- खतरे के निशान से ऊपर: 4.10 मीटर
- स्वर्णरेखा नदी, मानगो: 122.60 मीटर
- स्वर्णरेखा का खतरा स्तर: 121.50 मीटर
- खतरे के निशान से ऊपर: 1.10 मीटर
- दोनों नदियों का ट्रेंड: Rising (लगातार बढ़ता हुआ)
- फ्लड सेल रिपोर्ट: 1 सितंबर 2026, दोपहर 2 बजे
- IMD Flash Flood Guidance: 2 सितंबर 2026, सुबह 11:30 बजे तक
फतेह लाइव की अपील: बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अफवाहों से बचें, नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें और प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।



































