शिवेश वर्मा ने वेज पर टुन्नू चौधरी से सवालों के जवाब देने की बात कही तो बिगड़ता गया माहौल
गाली गलौज इस कदर हुआ मानो युद्ध का मैदान हो, धक्का मुक्की और देख लेने की धमकी भी
यूनियन अध्यक्ष टुन्नू चौधरी खुद माइक पकड़ आरोप लगाया कि कमेटी मेंबर गलियाँ बक रहा
टुन्नू समर्थक कुछ कमेटी मेंबर हमला करने मंच पर चढ़ गये तो नितेश बोले कि मारने आए तो मारिए
ऑफिस बेयरर्स संजय सिंह ने धमकी दे डाली कि बाहर निकलो तो सबको देख लिया जाएगा
कमेटी मीटिंग में कई बार टुन्नू और सतीश के बीच दिखा तनाव, अध्यक्ष की बात काटते रहे महामंत्री
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता के बाद एसएनटीआई सभागार में कमेटी मीटिंग हुई थी। वेज समझौता के कुछ प्रावधानों को सुनने के बाद दर्जनों कमेटी मेंबर बाहर निकल गए थे। कई लोगों ने वही हो हल्ला किया था। उसके बाद सोमवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में अगली कमेटी मीटिंग हुई। वेज रिवीजन के मसले पर कमेटी मेंबरों की जो बौखलाहट बची थी, वो भी बाहर आ गई। ऐसा लगा कि पिछली कमेटी मीटिंग ही आगे बढ़ी हो। यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी से वेज रिवीजन समझौता पर सवाल किया गया तो माहौल बिगड़ता चला गया। टुन्नू समर्थक कमेटी मेंबरों ने टुन्नू से सवाल पूछने का विरोध कर दिया। फिर क्या था, माहौल गरमाता गया। गाली गलौज इस कदर हुआ मानो मजदूर राजनीति की जगह अधिकतर इसमें ही पारंगत हो। सिर्फ गाली गलौज ही नहीं, धक्का मुक्की भी हुई। एक दूसरे को धमकाया भी गया। यूनियन उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कमेटी मीटिंग से बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी दे डाली। टुन्नू समर्थक कुछ कमेटी मेंबर यूनियन के ऑफिस बेयरर्स नितेश राज पर हमला करने के इरादे से मंच पर चढ़ गये। नितेश ने दोनों बांहे फैला कर उन्हें आमंत्रित किया कि मारने का मन है तो मारिए। नितेश के इस रुख को देख कमेटी मेंबर पीछे हट गए। हालात ऐसे हो गए कि यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी खुद माइक पर आकर आरोप लगाने लगे कि सतीश समर्थक एक कमेटी मेंबर गालियाँ बक रहा है। इस पर नितेश ने दावा कि टुन्नू समर्थक कमेटी मेंबर गाली गलौज कर रहा है। कमेटी मीटिंग के दौरान यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी की बातों को महामंत्री सतीश सिंह काटते रहे कि यह बात सत्य नहीं है। मजेदार बात रही कि कमेटी मीटिंग की बातें आग की तरह टाटा स्टील के कारखाना के भीतर अफसर से लेकर कर्मचारियों तक पहुंच गई। कर्मचारियों की प्रतिक्रिया जानने समझने के बाद जो कमेटी मेंबर वेज समझौता के मसले पर कमेटी मीटिंग में टुन्नू चौधरी का बचाव कर रहे थे, वही यह कहने लगे कि वेज समझौता का गुणगान नहीं किए थे।
दरअसल, कमेटी मीटिंग में यूनियन के चार महीने के आय व्यय की विवरणी पेश करने का एजेंडा ही निर्धारित किया गया था। और किसी विषय को कमेटी मीटिंग की सूची में नहीं रखा गया था। कमेटी मीटिंग शुरू हुई तो महामंत्री सतीश सिंह ने खुद मंच संभालने के बजाय अपनी जगह सहायक सचिव नितेश राज को बोलने का मौका दिया। कारण कि कुछ दिन पहले सतीश सिंह के दांत का ऑपरेशन हुआ है। उन्हें बोलने में तनिक दिक्कत है। नितेश ने माइक संभाला था कि सिन्टर प्लांट से कमेटी मेंबर सह पूर्व यूनियन उपाध्यक्ष शिवेश वर्मा मंच पर चढ़ गये। नितेश से माइक ले लिए। शिवेश बोले कि यूनियन पदाधिकारी खुद कारखाना में नहीं जाते हैं। वेज समझौता पर कर्मचारियों के सवालों का जवाब देना कमेटी मेंबरों के लिए मुश्किल हो गया है। बहुत जिज्ञासा है। कई ऐसी बाते है जिन्हें लेकर किंतु परन्तु है। यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी को वेज से जुड़ी कमेटी मेंबरों की शंकाओं का समाधान करना चाहिए। तब तक शिवेश की बातों के समर्थन में संतोष पांडेय, मारुति नंदन पांडेय, प्रदीप दुबे, अश्विनी माथन, दिवाकर, अमित कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, मनोज कुमार समेत कई कमेटी मेंबर मंच की तरफ बढ़ने लग गए थे। कुछ उनके पीछे खड़े भी हो गए थे। लच्छेदार भाषा में बोल रहे शिवेश वर्मा की बात पूरी नहीं हुई थी कि टुन्नू समर्थक कमेटी मेंबर विमल कुमार हल्ला करते हुए मंच की तरफ लपके। शिवेश को बोलने से रोकने का प्रयास किया। यही से बवाल का आगाज हो गया। विभाष शुक्ला, अमनदीप, ओमप्रकाश शर्मा, हेमंत कुमार, अरविंद यादव, विवेक भारद्वाज, श्याम नंदन, शैलेन्द्र राय समेत कई कमेटी मेंबरों ने यूनियन अध्यक्ष के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया। जोरदार हंगामा शुरू हो गया। शिवेश वर्मा से माइक छीनने की कोशिश हुई तो दोनों तरफ से धक्का मुक्की हुई। हाथ मरोड़ने का कार्यक्रम भी चला। एक दूसरे को देख लेने की धमकी ऐसी दी जा रही थी मानो सब गुंडई के सरताज हो।

माहौल ऐसा बनता गया कि ऑफिस बेयरर्स भी साफ साफ दो धड़ों में दिख गए। वेज रिवीजन पर खुद को घिरता देख टुन्नू चौधरी तमतमा गए। यूनियन अध्यक्ष के नाते सबको शांत कराने की जगह खुद माइक धर लिए। एक कमेटी मेंबर का नाम लेकर बोले कि वो गलियाँ दे रहा है। इस पर मंच से ही नितेश राज बोलने लगे कि विमल कुमार गाली दे रहा है। अब गाली गलौज इस बात पर शुरू हो गई कि वास्तव में गाली कौन दे रहा है, असली गुनहगार कौन। टुन्नू कुछ बोलते तो सतीश उनकी बात काट दे रहे थे। डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार खुल कर टुन्नू के सुर में सुर मिला रहे थे। इस बीच यूनियन उपाध्यक्ष संजय सिंह ने आपा खो दिया। टुन्नू के पक्ष में खड़े हो गए। हाल के बाहर देख लेने की बात कह डाली। नितेश राज ने भी संजय सिंह को उकसाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। यूनियन के ऑफिस बेयरर्स शाहनवाज आलम, आमोद दुबे, संजीव तिवारी और श्याम बाबू यह भांपने में लगे रहे कि कमेटी मेंबरों के बहुमत का झुकाव किस ओर है। एक एक कमेटी मेंबर की गतिविधि को समझने में यह लोग मशक्कत करते रहे। खैर, वेज समझौता पर बहुत बहस नहीं हो पाई। यह बात जरूर सामने आई कि यूनियन अध्यक्ष टुन्नू चौधरी ने इस मसले पर टाटा स्टील के एमडी टी वी नरेंद्रन से अकेले में बात की थी। टॉप थ्री नहीं गए थे। यह जरूर याद दिलाया गया कि पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने वेज समझौता पर जिच होने पर टॉप थ्री के साथ प्रबंध निदेशक से बात की थी। पारदर्शिता के साथ। यूनियन के एकाउंट्स के मसले पर कमेटी मीटिंग बुलाई गई थी। उस पर कोई बहस ही नहीं हुई। चार माह का एकाउंट्स पारित करने की प्रक्रिया अवश्य पूरी कर ली गई।
हां…मैं एनएस की राजनीति करता हूं तो दिक्कत क्यों…
टाटा वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह ने हाउस के शांत होने पर अपनी बात कही। उनका कथन था कि यदि कमेटी मेंबर वेज समझौता पर अपनी जिज्ञासा का समाधान चाहते हैं तो इसमें क्या बुराई है। हम लोगों को जवाब देना चाहिए। सतीश अपनी बात रख रहे थे कि बीच में कमेटी मेंबर गुलाब यादव बोल पड़े कि वेज समझौता पर सभी ऑफिस बेयरर्स ने हस्ताक्षर किया था। अब सतीश सिंह एनएस की राजनीति कर रहे है। इस पर सतीश बोले, हां…मैं एनएस की राजनीति करता हूं तो दिक्कत क्यों है। एनएस के कर्मचारियों की आखिर कौन सुनेगा।

इसी बीच यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि वेज रिवीजन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है तो वो यह भी बताएंगे कि गड़बड़ी क्यों हुई। टुन्नू और सतीश में बहस हुई तो फिर हंगामा शुरू हो गया। डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह टुन्नू के बचाव में आगे आए। बोले कि यूनियन अध्यक्ष एमडी से भले ही अकेले मिलते थे, लेकिन हर बैठक के बाद यूनियन पदाधिकारियों को पूरी जानकारी देते थे। यूनियन उपाध्यक्ष संजीव तिवारी ने वेज रिवीजन पर अध्यक्ष को घेरने का प्रयास किया। इस पर टुन्नू समर्थक कमेटी मेंबरों ने पूछा कि यदि समझौता खराब था तो उस पर हस्ताक्षर क्यों किया था।
श्याम बाबू बोले कि जाति के आधार पर कमेटी मेंबर बंटते रहेंगे तो यही नतीजा होगा
टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव श्याम बाबू को अफसोस है कि यहां मजदूर की राजनीति पर जातिगत राजनीति हावी हो चुकी है। मजदूर के नाते खुद का भला बुरा जानने समझने के बजाय जाति के आधार पर लोग खेमाबंदी में लगे हुए है। श्याम बाबू इसे मूर्खतापूर्ण कृत्य के तौर पर देखते हैं। उन्होंने कहा कि वेतन समझौते में न्यू सीरीज कर्मचारियों के साथ गलत हुआ है। वार्ता करने वाले पदाधिकारियों को ही समझौते की पूर्णता में जानकारी नहीं है। अगर जातिवाद से लोग ऊपर उठेंगे तो मजदूरों के लिए होने वाले समझौते का नफा नुकसान समझेंगे।
आरसी बोले कि जो हुआ वो शर्मनाक, कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता
टाटा वर्कर्स यूनियन में तीसरे खेमा की अगुवाई कर रहे कमेटी मेंबर आर सी झा ने कहा कि कमेटी मीटिंग में जो हुआ वो शर्मनाक है। यूनियन की गरिमा को इन लोगों ने तार तार कर दिया है। वेज समझौते पर सभी 11 पदाधिकारी सहमत थे। हस्ताक्षर किया। अब कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में वाद-विवाद जरूरी है। गाली-गलौज और हाथापाई को सही नहीं ठहराया जा सकता।



































