यूनियन अध्यक्ष ने दावा किया कि पूरी ईमानदारी से उन्होंने कर्मचारियों के हित का प्रयास किया
शक्ति दिखाने के लिए आवासीय कार्यालय पर कमेटी मेंबरों को बुलाया, आधे भी नहीं आए
यूनियन पदाधिकारियों में भी टुन्नू के साथ सिर्फ चार तो छह लोगों ने वेज के बाद पकड़ी अलग राह
यूनियन अध्यक्ष ने दावा किया कि दो तीन दिन के भीतर सालाना बोनस का समझौता हो जाएगा
अध्यक्ष पद पर चुनौती दे रहे सतीश सिंह को टुन्नू ने निशाने पर लिया और सबको किया सावधान
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
टाटा वर्कर्स यूनियन की सोमवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हुई कमेटी मीटिंग में अध्यक्ष संजीव चौधरी की खूब फजीहत करने की कोशिश हुई। गाली गलौज, धक्कामुक्की और धमकी तक बात चली गई। उस कमेटी मीटिंग में दर्जनों कमेटी मेंबर ऐसे थे जिन्होंने खुल कर टुन्नू का बचाव करने का प्रयास किया। इसके बाद यूनियन अध्यक्ष ने बिष्टुपुर ओ रोड के आवासीय कार्यालय में शक्ति प्रदर्शन का प्रयास किया। उन्होंने अपनी टीम के साथ विभाग वार कमेटी मेंबरों से संपर्क कर उन्हें आवासीय कार्यालय बुलाया।
आधे से भी कम कमेटी मेंबर आए। ऑफिस बेयरर्स भी साफ तौर पर दो भाग में विभक्त हो गए। टुन्नू के शक्ति प्रदर्शन में डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राजीव चौधरी, संजय सिंह और सहायक सचिव अजय चौधरी शामिल हुए। यूनियन महामंत्री सतीश सिंह तो उन्हें अध्यक्ष पद पर चुनौती दे रहे है। ऑफिस बेयरर्स शाहनवाज आलम, आमोद दुबे, संजीव तिवारी, नितेश राज और श्याम बाबू को न टुन्नू ने बुलाया और न वे लोग गए। कमेटी मीटिंग में टुन्नू ने वेज पर बोलने से परहेज किया। आवासीय कार्यालय में कमेटी मेंबरों के बीच उन्होंने वेज समझौता का गुणगान किया।
बोले कि उन्होंने ईमानदारी से कर्मचारियों के हित में प्रयास किया। उन्होंने बताया कि दो तीन दिन के भीतर सालाना बोनस का समझौता हो जाएगा। सबसे खास बात। टुन्नू चौधरी ने यूनियन महामंत्री सतीश सिंह को निशाने पर लिया। बोले कि एग्रीमेंट साथ में करते हैं। फिर कर्मचारियों को गुमराह भी करते हैं। ऐसे लोगों से सबको सावधान रहना चाहिए।
माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हंगामेदार कमेटी मीटिंग खत्म हुई तो कुछ देर बाद ही टुन्नू एक्शन में आ गए। शाम तक यूनियन के भीतर चर्चा शुरू हो गई कि यूनियन अध्यक्ष ने आवासीय कार्यालय पर कमेटी मेंबरों को जुटाने का निर्णय लिया है। जुटान हुआ भी। मगर यूनियन चुनाव से बहुत पहले सारे पत्ते खुल गए। दर्जनों कमेटी मेंबर यूनियन अध्यक्ष के बुलावा पर उनकी बैठक में गए। सतीश समेत बाकी ऑफिस बेयरर्स को संदेश दे गए कि चूंकि अध्यक्ष ने खुद फोन कर बुलाया है। इसलिए जा रहे है। अभी सिर्फ सुनेंगें। खैर, टुन्नू ने वहां आए सभी कमेटी मेंबरों को शुक्रिया कहा कि कमेटी मीटिंग में सबने इज्जत बचा ली। फिर टुन्नू बोले कि वर्तमान हालात में जो सबसे बेहतर हो सकता था उन्होंने वही किया। जब भी उन्हें मौका मिला उन्होंने कर्मचारी हित में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का प्रयास किया है।
डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि यूनियन अध्यक्ष ने वेज की वार्ता की प्रगति से हमेशा यूनियन पदाधिकारियों को अवगत कराया। अभी जो सबसे बेहतर हो सकता था वो किया। यूनियन उपाध्यक्ष संजय सिंह बोले कि यूनियन अध्यक्ष बनने के बाद टुन्नू चौधरी ने जो भी समझौता किया है वो बेहतर रहा है। उनके नेतृत्व में पहले भी बढ़िया हुआ है, आगे भी बढ़िया होगा। यूनियन उपाध्यक्ष राजीव चौधरी बोले कि कर्मचारियों के प्रमोशन की इसीबीएस में अपने लोगों को पास कराने का उन पर आरोप लगाया जा रहा है जबकि यह सच नहीं है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने भी टुन्नू चौधरी के नेतृत्व में हुए समझौतों की तारीफ की।
टुन्नू चौधरी के अध्यक्ष बनने के यूनियन की सियासत में अपनी चौधराहट दिखा रहे सहायक सचिव अजय चौधरी ने दावा किया कि पहले भी सबका भला हुआ है। आगे भी भला होगा। टुन्नू चौधरी से बेहतर नेतृत्व कर्मचारियों को नहीं मिल सकता। बैठक की समाप्ति के पहले टुन्नू चौधरी बोले कि अजय चौधरी और संजय सिंह को टूर पर मुंबई और गोवा जाना था। मगर उन्होंने उनका टिकट रद्द करा दिया है। कारण कि दो से तीन दिन में सालाना बोनस का समझौता किया जाना है। दोनों ऑफिस बेयरर्स को हस्ताक्षर करने के लिए उसमें रहना चाहिए।
बताना जरूरी होगा कि प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन फिलहाल जमशेदपुर में हैं। इसलिए यूनियन नेतृत्व चाहता है कि बेहतर बोनस पर बात बन जाय। आखिर कुछ महीनों में चुनाव जो है। याद दिलाना आवश्यक होगा कि आर रवि प्रसाद के कार्यकाल में सालाना बोनस का जो फार्मूला बना है, उसी आधार पर अभी तक बोनस समझौते हो रहे हैं।



































