45 मिनट तक बिजली बाधित रहने से मचा हड़कंप, दो गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के दौरान सामने आई बैकअप व्यवस्था की पोल; अस्पताल प्रशासन ने शुरू कराई जांच
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
बिहार के जमुई सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शुक्रवार को दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन चल रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई। करीब 45 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण ऑपरेशन थिएटर में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
बताया गया कि बिजली जाने के बाद तत्काल वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को टॉर्च और मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट का सहारा लेना पड़ा। ऑपरेशन स्थल पर मोबाइल की रोशनी डाले जाने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक नर्स मोबाइल की फ्लैश लाइट से ऑपरेशन स्थल को रोशन करती दिखाई दे रही है।
ऑपरेशन शुरू होने के बाद चली गई बिजली
जानकारी के अनुसार, पूजा कुमारी और अंजनी कुमारी को प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया था। दोनों का ऑपरेशन शुरू हो चुका था। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ऑपरेशन जैसी संवेदनशील स्थिति में तत्काल पर्याप्त बैकअप रोशनी उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को मोबाइल की फ्लैश लाइट का इस्तेमाल करना पड़ा। घटना की जानकारी चिकित्सकों ने सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक को दी। अस्पताल के आंतरिक ग्रुप में भी बिजली आपूर्ति और बैकअप व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई।
सवाल सिर्फ बिजली जाने का नहीं, बैकअप व्यवस्था का भी
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान पर बिजली गुल होने के बाद जनरेटर से तत्काल बैकअप क्यों नहीं मिला? करीब 45 मिनट तक बिजली आपूर्ति बहाल क्यों नहीं हो सकी? यदि मुख्य बिजली व्यवस्था फेल हो जाए तो ऑपरेशन थिएटर के लिए वैकल्पिक रोशनी की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं थी?
चिकित्सकों का दावा है कि अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने की ऐसी स्थिति पहले भी सामने आ चुकी है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व में मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन होने के दावे से इनकार किया है।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
जमुई सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ. थनीष कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन को मिली है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही बिजली बाधित होने के कारण और इसमें किसी की जिम्मेदारी है या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा।
ऑपरेशन थिएटर में बिजली आपूर्ति की यह घटना अब अस्पताल की इमरजेंसी पावर बैकअप व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि यह महज तकनीकी खराबी थी या अस्पताल की बैकअप व्यवस्था में कोई बड़ी कमी।




































