2006 से संगठन में सक्रिय थे तीनों, 80 से ज्यादा मामलों में नाम; पुलिस को सौंपे 2 INSAS, 1 AK-47 और 154 गोलियां
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में नक्सली गतिविधियों को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, तीन सक्रिय माओवादियों ने 7 सितंबर को ही आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसकी विधिवत घोषणा अब की गई है। बांकुड़ा पुलिस लाइंस के कॉन्फ्रेंस हॉल में पश्चिम बंगाल पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार के सामने तीनों को पेश किया गया।
आत्मसमर्पण करने वालों में जाबा महतो, नयनतारा साहू उर्फ मीता और रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार नयनतारा उर्फ मीता, रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन की पत्नी है, जबकि जाबा महतो को सरायकेला में गिरफ्तार माओवादी मंगल महतो की पत्नी बताया गया है।
दो दशक तक नक्सली संगठन से जुड़ाव
पुलिस के अनुसार तीनों करीब 2006 के आसपास माओवादी संगठन में शामिल हुए थे। पिछले करीब दो दशकों में पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्यों में इनके खिलाफ 80 से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें देशद्रोह और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि जाबा महतो और नयनतारा साहू उर्फ मीता माओवादी संगठन की जोनल कमेटी की सदस्य थीं। वहीं रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन बंगाल-झारखंड-ओडिशा रीजनल कमेटी में कमांडर के तौर पर सक्रिय रहा है।
हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला
आत्मसमर्पण के दौरान तीनों ने पुलिस को दो इंसास राइफल, एक AK-47, 10 मैगजीन और 154 राउंड कारतूस सौंपे। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ हथियार अलग-अलग घटनाओं के दौरान माओवादियों द्वारा छीने गए थे।
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने कहा कि जंगल और वहां की परिस्थितियों के कारण उन्होंने हथियार उठाकर संगठन का रास्ता चुना था। अब उन्हें महसूस हुआ कि हथियारबंद संघर्ष के जरिए अपनी मांगें मनवाना उचित रास्ता नहीं है। इसी सोच के साथ उन्होंने जंगल की जिंदगी छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि तीनों के मामलों को पुलिस स्क्रीनिंग कमेटी के सामने रखा जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत मिलने वाले पैकेज का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दूसरी ओर जंगल में छिपे हथियारों का भी खुलासा
इसी बीच झारखंड में नक्सली नेटवर्क से जुड़े हथियारों की तलाश के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व सांसद सुनील महतो की हत्या के बाद पुलिस से लूटे गए हथियारों की तलाश में चलाए गए अभियान में एक AK-47, एक INSAS, 232 राउंड गोलियां और पांच मैगजीन बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई दो लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली मालती मुर्मू और माओवादी मंगल महतो से मिली जानकारी के आधार पर की गई। चाकुलिया और एमजीएम थाना क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाकों में पुलिस, कोबरा, एसटीएफ और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया।
कुड़लुंग पहाड़ और जोभी जंगल से बरामदगी
पुलिस के मुताबिक, कुड़लुंग पहाड़ से एक INSAS राइफल, 85 राउंड गोलियां और तीन मैगजीन बरामद हुईं। वहीं जोभी जंगल से एक AK-47, 147 राउंड गोलियां और दो मैगजीन मिलीं।
पुलिस अब बरामद हथियारों का पुराने मामलों से संबंध, उनके इस्तेमाल और लंबे समय तक जंगल में छिपाकर रखे जाने की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद AK-47 में से एक हथियार का संबंध 4 मार्च 2007 को तत्कालीन सांसद सुनील महतो की हत्या के बाद पुलिस से लूटे गए हथियारों से होने की आशंका है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए जांच जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में सक्रिय रहे माओवादी नेटवर्क के पुराने हथियारों और उसके सदस्यों की गतिविधियों को एक बार फिर जांच के केंद्र में ला दिया है।




































