WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

CGPC with the community : टाटानगर-अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस फिर चढ़ी कोहरे की भेंट, सिख समाज को लगातार पांचवे साल ठगा

SHARE:

2 दिसंबर से 24 फरवरी तक 18103 और 4 दिसंबर से 26 फरवरी तक 18104 रद्द, सीजीपीसी आंदोलन के लिए तैयार

फतेह लाइव, रिपोर्टर।

दक्षिण पूर्व रेलवे ने आगामी कोहरे के मौसम को देखते हुए टाटानगर से अमृतसर के बीच चलने वाली 18103 टाटानगर-अमृतसर एक्सप्रेस (जलियांवाला बाग एक्सप्रेस) और 18104 अमृतसर-टाटानगर एक्सप्रेस को लंबे समय के लिए रद्द करने की घोषणा की है। रेलवे के 29 सितंबर मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक दोनों दिशाओं की ट्रेनें दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक परिचालन से बाहर रहेंगी। रेलवे के अनुसार 18103 टाटानगर-अमृतसर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2026 से 24 फरवरी 2027 तक, जबकि 18104 अमृतसर-टाटानगर एक्सप्रेस 4 दिसंबर 2026 से 26 फरवरी 2027 तक रद्द रहेगी। इसके अलावा 22857 संतरागाछी-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस 7 दिसंबर 2026 से 22 फरवरी 2027 तक और 22858 आनंद विहार टर्मिनल-संतरागाछी एक्सप्रेस 8 दिसंबर 2026 से 23 फरवरी 2027 तक रद्द रहेगी।

Gambhir Car Associate Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

लगातार पांचवें सर्दी सीजन में रद्दीकरण

टाटानगर-अमृतसर एक्सप्रेस को कोहरे के कारण रद्द करने का सिलसिला नया नहीं है। उपलब्ध रेलवे ट्रेन रिकार्ड के अनुसार 2022-23 में 18103 को 5 दिसंबर 2022 से 27 फरवरी 2023 और 18104 को 7 दिसंबर 2022 से 1 मार्च 2023 तक रद्द किया गया था। 2023-24 में भी दोनों ट्रेनों को कोहरे के कारण रद्द किया गया। इसके बाद 2024-25 में 18103 को 2 दिसंबर 2024 से 26 फरवरी 2025 और 18104 को 4 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक रद्द किया गया। 2025-26 में भी 18103 को 1 दिसंबर 2025 से 25 फरवरी 2026 और 18104 को 3 दिसंबर 2025 से 27 फरवरी 2026 तक रद्द किया गया था। ऐसे में 2026-27 का रद्दीकरण लगातार पांचवें सर्दी सीजन में इस महत्वपूर्ण ट्रेन सेवा के प्रभावित होने का मामला है।

सिख समाज में नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

रेलवे का नोटिफिकेशन निकलने के साथ ही एक बार फिर सिख समाज ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मिनी पंजाब जमशेदपुर के सिखों के साथ रेलवे का यह सौतेला व्यवहार है। टाटानगर-अमृतसर ट्रेन को फिर लंबे समय के लिए रद्द किए जाने पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी है कि यह बिल्कुल उचित नहीं है। हर बार कोहरे का पूर्वानुमान केवल जलियांवाला बाग ट्रेन पर ही क्यों लगाया जाता है। इसे लेकर चुप नहीं बैठेंगे। जल्द ही प्रथम चरण में चक्रधरपुर जाकर डीआरएम से बात करेंगे। उनके बाद भी कोई हल नहीं निकला तो सीजीपीसी का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर रेल मंत्री से मिलेगा। जरूरत पड़ने पर टाटानगर स्टेशन में ट्रेनों को रोकने से भी सिख समाज पीछे नहीं हटेगा।

सिख नेताओं के बोल

टाटानगर-अमृतसर ट्रेन जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान के लोगों के लिए पंजाब से जुड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवा है। हर साल महीनों तक इसे रद्द किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है। इस मुद्दे को लेकर प्रतिनिधिमंडल जल्द ही डीआरएम से मुलाकात करेगा। भगवान सिंह, प्रधान, सीजीपीसी

ट्रेन को लंबे समय तक रद्द करने के बजाय रेलवे को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए। लगातार रद्दीकरण को लेकर सिख समाज चुप नहीं बैठेगा। सरदार शैलेंद्र सिंह, चेयरमैन, सीजीपीसी

रेलवे का यह फैसला सिखों के साथ सौतेला व्यवहार वाला है। अगर निर्णय वापस नहीं लिया गया तो स्टेशन में सिख समाज धरना प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगा। गुरचरण सिंह बिल्ला, महासचिव, सीजीपीसी

पंजाब आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे को जनता की परेशानी को समझना होगा और इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। अमरीक सिंह, प्रधान सेंट्रल सिख नौजवान सभा।

यदि रेलवे ने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो सिख समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। जरूरत पड़ी तो स्टेशन पर ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सतनाम सिंह गंभीर, अध्यक्ष, एआइएसएसएफ, पूर्वी भारत जोन।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर