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Jamshedpur : जोड़ाघर के सेवादार लखविंदर सिंह नहीं रहे, हेमकुंड साहिब में निधन

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एक जून को शहर आएगा पार्थिव शरीर

जमशेदपुर।

टेल्को गुरुद्वारा जोड़ाघर के सेवादार सरदार लखविंदर सिंह नहीं रहे. सोमवार को उनका निधन उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में हो गया है. उनका पार्थिव शरीर एक जून को जमशेदपुर में सड़क मार्ग से लाया जाएगा और उसी दिन अंतिम संस्कार किया जाएगा. टेल्को रोड नंबर दो निवासी 61 वर्षीय लखविंदर सिंह की पहचान जोड़ा घर (जूत्ते संभालने) के सेवादार के तौर पर बनी हुई है और अपने बालपन से ही इस सेवा को निभा रहे थे.

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टेल्को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान एवं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन सरदार गुरमीत सिंह तोते ने बताया कि अपने संगी साथियों रिश्तेदारों के साथ लखविंदर सिंह हेमकुंड साहिब के दर्शन को गए थे. सोमवार की सुबह वे गोविंद धाम से हेमकुंड साहिब के लिए बग्घी पर रवाना हुए और जब वहां पहुंचे तो उनके देह में प्राण नहीं थे. चिकित्सकों की राय में खराब मौसम और ऑक्सीजन की कमी के कारण ही उनका निधन हो गया. उनका पार्थिव शरीर सोमवार को ही गोविंदधाम पहुंचा दिया गया है और कल पोस्टमार्टम ऋषिकेश में होने के बाद एंबुलेंस द्वारा जमशेदपुर भेजा जाएगा.

पार्थिव शरीर को जमशेदपुर लाने की व्यवस्था में जुटे चेयरमैन गुरमीत सिंह ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि लखविंदर सिंह के पूर्वजों का गुरुद्वारा साहिब के निर्माण में बड़ा योगदान रहा है. वे तीसरी पीढ़ी के थे और उनका बेटा हरप्रीत सिंह टाटा मोटर्स में सेवाएं दे रहा है.

लखविंदर सिंह अपने पीछे 3 बेटियां एवं एक बेटा छोड़ गए हैं.
उनके निधन को तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह ने काम के लिए बड़ी क्षति बताया है. उनके अनुसार लखविंदर का जीवन सेवा करने वालों के लिए प्रेरक का रहा है. उन्होंने अपना सर्वस्व जीवन कौम एवं संगत के लिए लगा दिया.

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