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Scrap game series again : आरपीएफ और जिला प्रशासन की छापेमारी से सच साबित होती “फतेह लाईव” की खबरें

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सीरिज चलाने पर मिली थी धमकी, धंधा अब भी चालू है, जल्द करेंगे खुलासा

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

अप्रैल 2024 से फतेह लाईव  ने जो भी खबरें पुलिस और लोहा चोरों की मिलीभगत से स्क्रैप की चोरी पर दिखाई वह हर हाल में सच साबित हुई हैं. सबसे पहली रिकवरी नवनीत तिवारी के स्क्रैप की हुई जिसमें अभिजीत के चोरी का एक ट्रक माल आदित्यपुर थाने में डीएसपी हेडक्वार्टर प्रदीप उरांव ने जिला में पोस्टिंग लेते ही जप्त किया था. इस रिकवरी में टाटा स्टील को सप्लाई के नंबर पर फर्जी जीएसटी बिल में जुगसलाई के खंडेलवाल बंधुओं का मां भगवती इंटरप्राइजेज भी जांच के दायरे में आया.

यहां सवाल था कि क्या टाटा स्टील अभिजीत कंपनी का चोरी का माल फर्जी जीएसटी बिल पर खरीद रही थी, हालांकि इस जांच में पूरा मामला ही गोलमाल हो गया क्योंकि आज तक सभी आरोपी पुनः सक्रिय हैं और उनका बाल भी बांका नहीं हुआ. इसे कहते हैं *सैयां भये जुड़वां भैय्या तो काहे मारेगी सौतेली मैय्या*. फतेह लाईव ने खबर लिखी डीएसपी ने माल बरामद किया और अभिजीत की सुनियोजित चोरी के ताबड़तोड़ खुलासे से खखुआए स्क्रैप माफियाओं के लाइजनिंग सिस्टम से धमकी आनी शुरू हो गई, फिर पत्रकारों के विरोध के साथ ही तत्कालीन सरायकेला खरसावां एसपी मनीष टोप्पो ने मुख्यालय के निर्देश पर धंधा ही बंद करवा दिया.

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‌कुछ दिनों बाद एसपी ऑफिस के ही कंप्यूटर ऑपरेटर ओम प्रकाश के वायरल ऑडियो में खुलकर आईपीएस अधिकारियों और स्क्रैप के धंधे में टाटा स्टील के नाम की चर्चा पुलिस मुख्यालय रांची तक सुर्खियों में रही. इस मामले की जांच में अभिषेक जयसवाल के बयान पर ओम प्रकाश निलंबित कर दिया गया, लेकिन क्या ओम प्रकाश के मामले को दबाया गया? जी हां अगर उच्च स्तरीय या सीआईडी जांच की जाती तो ओम प्रकाश पर कठोर विभागीय कार्रवाई तय थी लेकिन यहां कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष की पैरवी काम आ गई.

कुछ महीनों तक चोरी छिपे ही धंधा चलता रहा जब तक आरपीएफ की छापामारी में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में रेल संपत्ति की चोरी के धंधे का भी खुलासा होता गया. फतेह लाईव की इन खबरों पर भी आज तक मुहर लगती जा रही है जब लाईजनर से लेकर धंधेबाज तक जेल जा रहें हैं.

लगातार धंधा चलता रहेगा और छापेमारी होती रहेगी लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस ऐसे ही सोती रहेगी. आज भी दर्जनों स्क्रैप टाल और गोदाम पूरे कोल्हान में धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं और वह भी पुलिस को मंथली देकर. एक टाटा स्टील की स्क्रैप की चोरी में हत्या क्या हुई कि बड़े बड़े अधिकारी खुद छापेमारी में आ गए जबकि सबको पता है कि कौन-कौन से माफियाओं ने मोटरसाइकिल के सफर से फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी गाड़ियों और बड़े बंगले तक की ख्वाहिश इसी लोहा और जीएसटी चोरों की बदौलत पूरी कर ली है. पिक्चर अभी बाकी है बहुत जल्द सुनियोजित स्क्रैप चोरी का फिर से खुलासा करेंगे बस स्टोरी तैयार होने दीजिये.

(नोट – फाईल फोटो व वीडियो फतेह लाईव की लिंक में वायरल हो चुकी हैं.)

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