Jamshedpur : नए वक्फ कानून वापस होने तक जारी रहेगी लड़ाई, वक्फ कांफ्रेंस में शामिल सांसदों का ऐलान

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जमशेदपुर के आमबागान मैदान में आयोजित हुई विरोध सभा

फ़तेह लाइव, डेस्क 

नया वक्फ कानून वापस होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए आर-पार की लड़ाई होगी। हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। हम कोर्ट में भी लड़ रहे हैं और सड़क पर भी शांतिपूर्ण तरीके से लड़ाई जारी रहेगी। यह बातें साकची के आम बदन मैदान गुरुवार को तहफ्फुज ए अवकाफ कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र की राज्यसभा सदस्य फौजिया तहसीन खान, रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और बिहार के काराकाट के लोकसभा सदस्य राजा राम सिंह कुशवाहा ने कहीं।

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राज्यसभा सदस्य फौजिया तहसीन खान ने कहा कि केंद्र सरकार में जो संशोधन किया है। हम स्वीकार करने के लायक नहीं है। वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटा दिया गया है। वक्फ से लिमिटेशन एक्ट भी हटा दिया गया है। लिमिटेशन एक्ट में प्रावधान है कि अगर कोई 12 साल से अधिक समय से किसी जमीन पर काबिज है, तो उस पर उसका कब्ज़ा हो जाता है। लेकिन, नए वक्फ कानून से इसे हटा दिया गया है।
राज्यसभा सदस्य फौजिया तहसीन खान ने वक्फ की जमीनों को लेकर कहा कि यह जमीनें बेची जा रही हैं। सरकार को चाहिए था कि इन जमीनों की सुरक्षा करती। मगर, ऐसा नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अवाम इस कानून को कभी स्वीकार नहीं करेगा। काराकाट से लोकसभा सदस्य राजा राम सिंह कुशवाहा ने कहा कि नया वक्फ कानून संविधान विरोधी कानून है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भी तीन कानून लाए गए थे। किसान इनके खिलाफ सड़क पर उतरे और सरकार को इन कानूनों को वापस करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तीन मई को इस नए वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शन का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने भी देश के लिए कुर्बानी दी है और आज उन्हीं को देश से बाहर करने की बात कही जा रही है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि नया वक्फ कानून सबसे खराब कानून है। इसे हर हाल में वापस लेना होगा। अब तो कहा जा रहा है कि ताजमहल गुलामी की निशानी है। इसे गिराने की बात हो रही है। अमरोहा के पू्र्व सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि आज वक्फ बिल की बात हो रही है। कल अन्य लोगों की बारी आनी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नज़र जमीनों पर है। इस कार्यक्रम में झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायत उल्ला खान, कासिम रसूल इलियास, अजमेर के सज्जादानशीन सरवर चिश्ती आदि मौजूद रहे।

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