फतेह लाइव, रिपोर्टर।
आगामी दुर्गा पूजा को लेकर जमशेदपुर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय में सिटी एसपी ललित मीणा की अध्यक्षता में जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अंचितम गुप्ता समेत समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में विधि-व्यवस्था, पूजा पंडालों की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और विसर्जन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान विधि-व्यवस्था डीएसपी सुमित कुमार, ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि पिछले वर्ष जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति से कुल 347 पूजा समितियां जुड़ी थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 351 पूजा समितियों तक पहुंच गई है। पूजा समितियों की संख्या बढ़ने के साथ ही पुलिस प्रशासन के सामने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
बैठक में शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सिटी एसपी ने कहा कि दुर्गा पूजा का आयोजन 11 अक्टूबर से शुरू होगा। हालांकि, पूजा के दौरान विशेष रूप से षष्ठी से दशमी तक शहर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। इस दौरान देर रात तक लोग पूजा पंडालों और बाजार क्षेत्रों में घूमने निकलते हैं। इसे देखते हुए पुलिस की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पूजा पंडालों के आसपास भीड़ नियंत्रण और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। प्रमुख सड़कों, पूजा पंडालों और भीड़ वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने तथा जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर भी विचार किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने पूजा समितियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
वहीं, शहर के विभिन्न घाटों की सुरक्षा और व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। आगामी 5 अक्टूबर को एक और बैठक आयोजित कर पूजा और विसर्जन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। इस वर्ष 21 अक्टूबर को विसर्जन किए जाने की बात कही गई है। विसर्जन के दौरान भीड़, यातायात और सुरक्षा को लेकर विशेष पुलिस व्यवस्था की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शांतिपूर्ण माहौल और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी।




































