50 दिनों बाद कर दिखाया कमाल, अगली कार्रवाई जारी, कानून के हाथ लंबे होते हैं…कहावत को किया चरितार्थ
चरणजीत सिंह.
जमशेदपुर में चोरी, लूट, फायरिंग की घटनायें इन दिनों पुलिस के लिए सिरदर्द बनी है. अगर यह कहा जाये तो यह कहना एकदम गलत होगा. हालिया दिनों पुलिस ने कई बदमाशों को लाल घर भेजा है. कहावत है, मंदिर से चप्पल चोरी भी हो जाये तो पुलिस चोर को पकड़ सकती है. यह भी कहावत है, कानून के हाथ लंबे होते हैं. इस कहावत को साबित कर दिखाया है वर्तमान परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने.
खासमहल से गत नौ सितम्बर को घर में घुसकर दो मोबाइल चोरी की घटनायें हुई थी. इस घटना को लेकर अगल बगल के परिवार दहशत में बने हुए थे. उसमें एक मोबाइल को परसुडीह थाना प्रभारी ने बरामद कर लिया है, भले इसे पकड़ने में 50 दिन लग गए.
वादी के यहां से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराये गए थे. यह धुंधले थे, लेकिन उसके बाद भी लगातार जांच करते हुए थाना प्रभारी ने बड़ी कार्रवाई को निभाया है. चोरी का मोबाइल खरीदने वाला सुरती चौक जुगसलाई का है. वादी को भी अपने मोबाइल से धमकी दिलाने वाला भी वहीं का है. घर में घुसकर मोबाइल लेकर जाने वाला भी वहीं का, यह कहानी से पर्दा उठाना पुलिस के लिए चुनौती भरा है.
वादी का यह एक पुराना मामला है, जिसमें पुलिस अभी तक कार्रवाई नहीं कर सकी है. लेकिन यह मामला कोर्ट, अल्पसंख्यक आयोग, डीजीपी, एसएसपी तक पहुंचा था. सिटी एसपी भी अपने मुखिया के आदेश के अलोक में इसपर लगे हुए थे, कि इसी बीच मोबाइल चोरी की घटना हो गई और उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारी को काम पर लगाया.
वादी इंसाफ के लिए दर दर भटक रहे हैं. इंसाफ की उम्मीद में. यह मामला तथाकथित चोरी की तह तक जाकर समाप्त हो सकता है या कुछ नए राज खुलेंगे? अगर थाना प्रभारी ने इसकी जांच की तो बहुत कुछ साफ होगा. अब देखना है कि पूर्व के थाना प्रभारी पुराने आरोपियों को शह दे रहें थे या नए थाना प्रभारी कानून का साथ? खैर, मंगलवार रात अपना एक मोबाइल लेकर घर परिवार सब खुशी से झूम उठा. जांच अभी जारी रहेगी. सहयोगी दरोगा रितेश को भी हार्दिक बधाई.









































