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Giridih : सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की संयुक्त बैठक में आंदोलन का लिया गया निर्णय

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  • सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ सहायक अध्यापकों ने कड़ा संघर्ष करने का किया ऐलान

फतेह लाइव, रिपोर्टर

सोमवार को राज्य कमिटी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गिरिडीह जिले के तमाम सहायक अध्यापकों ने अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर सरकार के वादाखिलाफी के खिलाफ बैठक कर आंदोलन का निर्णय लिया. इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के साथी नारायण महतों ने की, जबकि इसका संचालन सुखदेव हाजरा ने किया. वक्ताओं ने कहा कि पारा शिक्षकों के साथ अधिकारियों का दमन दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. प्रखंड से जिला तक सभी विभागीय अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं, जो मनमानी तरीके से मानदेय काट रहे हैं और तकनीकी खराबी को लेकर ऑनलाइन अटेंडेंस न बनने पर सीधे मानदेय रोक देना उनके परिवारों के लिए दमन का रूप है. बैठक में बताया गया कि जिले में 269 सहायक अध्यापकों का मानदेय भुगतान स्थगित है और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

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सहायक अध्यापकों की बढ़ती समस्याएं और विभागीय मनमानी

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गिरिडीह में सभी गुट मिलकर संघर्ष मोर्चा समन्वय समिति के बैनर तले कार्यक्रम संचालित करेंगे. मोर्चा के जिला नेतृत्वकारी साथियों ने कहा कि पिछले आंदोलनों में सरकार से हुई सहमति को तुरंत लागू किया जाए, नहीं तो राज्य के 62 हजार सहायक अध्यापक जनाक्रोश आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. बैठक से पहले एक शिष्टमंडल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मिला और समस्याओं से अवगत कराया. मंत्री ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और विधायक गांडेय कल्पना सोरेन से वार्ता कराई जाएगी. बैठक में समान काम का समान वेतन और आकलन पास अध्यापकों को टेट के समकक्ष मान्यता देने जैसे मांगों पर जोर दिया गया.

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समान काम, समान वेतन: सहायक अध्यापकों की प्रमुख मांग

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला स्तर पर अगस्त में बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 13 जुलाई तक सभी प्रखंडों में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. वक्ताओं ने चेतावनी दी कि सरकारी शिक्षकों की भांति सहायक अध्यापकों को भी समान हक मिले नहीं तो बंधुआ मजदूरी और गुलामी सिस्टम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पारा शिक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा देने की भी बात कही लेकिन अधिकारियों के तुगलकी फरमान और शोषण को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. 22 अगस्त के बाद झारखंड में एक ऐतिहासिक आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

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झारखंड में 22 अगस्त को सहायक अध्यापकों का ऐतिहासिक आंदोलन होगा

आज की बैठक में संघर्ष मोर्चा के सदस्यों सहित सभी प्रखंड अध्यक्ष, नारायण महतों, सुखदेव हाजरा, डीलचंद महतों, जमाल अंसारी, गणेश मंडल, मुख्तार अंसारी, बैधनाथ महतों, राजकुमार, बक्शी रमेश, मनोज कुमार शर्मा, विनोद यादव, दीपक कुमार, महबूब अंसारी, पुनिचंद मंडल, ठाकुर दास, अशोक बेसरा, उज्जवल कुमार, फिदा हुसैन, प्रमोद सिंह, बीरू मंडल, पप्पू कुमार, सुनील राय, शशिकांत यादव, राजेश सिन्हा सहित तमाम सहायक अध्यापकों ने रांची में आंदोलन के लिए एकजुट होकर काफिला भेजने का संकल्प लिया.

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