Breaking News
Gangsters do not fear the Jamshedpur police : पुलिस गिरफ्त से कन्हैया सिंह की चुनौती के बाद अब ‘दोगला’ टिप्पणी पर चर्चा, बढ़ेगा गैंगवार या फिर…. Jamshedpur : सरकारी सुविधाओं से किसी व्यक्ति का वंचित रहना पूरे समाज को प्रभावित करता है : कर्नल नीलांबर झा Jamshedpur : महिला सम्मान और न्याय की आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा निंदनीय : दिनेश कुमार Jamshedpur : साकची के बोधी मैदान में 17-18 अक्टूबर को सजेगा डांडिया उत्सव, सेलिब्रिटी आर्टिस्ट आस्था सिंह होंगी आकर्षण Jamshedpur : साक्ष्य के अभाव में विक्की ठाकुर और सौरभ झा बरी, अधिवक्ता अमित कुमार सिंह ने की पैरवी Jamshedpur : बिरसानगर में हथियारों की खरीद-बिक्री का खुलासा, तीन नाबालिग समेत चार गिरफ्तार
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Dhanbad : साहित्य का एक प्रकाश स्तंभ बुझ गया : विकास, पुणे में हुआ साहित्यकार नारायण सिंह का निधन

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

धनबाद के जाने माने साहित्यकार नारायण सिंह (73) का निधन बीते शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में हो गया. उनके निधन पर सीपीएम के जिला सचिव विकास कुमार ठाकुर ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जनवादी लेखक संघ से जुड़े साहित्यकार नारायण सिंह, हिंदी साहित्य के लेखक और लघु कथाकार थे.

उत्तर प्रदेश के बलिया से धनबाद कोयलांचल में आए साहित्यकार नारायण सिंह बीसीसीएल से वर्ष 2012 में सेवानिवृत हुए. उसके बाद उन्होंने साहित्य सेवा में अपनी कई पुस्तकों से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया और कोयलांचल के मेहनतकश जनता के जीवन संघर्ष को अपनी कलम से लिखा.

Gambhir Car Associate Motion Ads

बीसीसीएल के “कोयला भारती” के संपादक के रूप में उन्होंने हिंदी साहित्य को आम जन से जोड़कर लिखा. उन्होंने ‘अल्पसंख्यक, फुटपाथ के सवाल, सुन मेरे बंधु, सीता बनाम राम, ये धुवां कहां से उठता है जैसी पुस्तक को लिखा. उनके निधन से धनबाद कोयलांचल में साहित्य का प्रकाश स्तंभ बुझ गया.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर