WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Dhanbad : साहित्य का एक प्रकाश स्तंभ बुझ गया : विकास, पुणे में हुआ साहित्यकार नारायण सिंह का निधन

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

धनबाद के जाने माने साहित्यकार नारायण सिंह (73) का निधन बीते शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में हो गया. उनके निधन पर सीपीएम के जिला सचिव विकास कुमार ठाकुर ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जनवादी लेखक संघ से जुड़े साहित्यकार नारायण सिंह, हिंदी साहित्य के लेखक और लघु कथाकार थे.

उत्तर प्रदेश के बलिया से धनबाद कोयलांचल में आए साहित्यकार नारायण सिंह बीसीसीएल से वर्ष 2012 में सेवानिवृत हुए. उसके बाद उन्होंने साहित्य सेवा में अपनी कई पुस्तकों से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया और कोयलांचल के मेहनतकश जनता के जीवन संघर्ष को अपनी कलम से लिखा.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

बीसीसीएल के “कोयला भारती” के संपादक के रूप में उन्होंने हिंदी साहित्य को आम जन से जोड़कर लिखा. उन्होंने ‘अल्पसंख्यक, फुटपाथ के सवाल, सुन मेरे बंधु, सीता बनाम राम, ये धुवां कहां से उठता है जैसी पुस्तक को लिखा. उनके निधन से धनबाद कोयलांचल में साहित्य का प्रकाश स्तंभ बुझ गया.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर