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Jamshedpur : सीएजी रिपोर्ट : मंत्री का रिपोर्ट को ही गलत बताना दुर्भाग्यजनक

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  • स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बचाने की कोशिश कर रही सरकार – सरयू राय

फतेह लाइव, रिपोर्टर

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सीएजी की रिपोर्ट ने एक बार फिर विवादों को जन्म दे दिया है. जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा सीएजी की रिपोर्ट को गलत बताना दुर्भाग्यपूर्ण है. सीएजी की रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में अनियमितताएं, ऊंचे मूल्य पर दवाओं की खरीद, और कोविड-19 के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त धन का मात्र 32 प्रतिशत ही खर्च करने का आरोप है. राय ने इसे जनस्वास्थ्य के प्रति अपराध करार देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इस गंभीर मुद्दे पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

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सरयू राय ने की सीबीआई जांच की मांग

सरयू राय ने इस रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों को गंभीर और आपराधिक षडयंत्र बताते हुए कहा कि यह मामला न्यायपालिका तक जाएगा. राय ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह चारा घोटाले में सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच शुरू हुई थी, उसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग के इस घोटाले की भी जांच सीबीआई से कराए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करने के बजाय बचाव कर रहे हैं, जो कि उनके असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है. राय के मुताबिक, अगर सरकार इस मामले को नजरअंदाज करती है तो न्यायालय से हस्तक्षेप की उम्मीद है.

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रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग की खामियां और सरकार के बचाव की नीति

विधायक सरयू राय ने सीएजी रिपोर्ट के बिंदुओं का हवाला देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी है, जहां 65 से 95 प्रतिशत तक जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.` इसके साथ ही, कोविड-19 के लिए केंद्र से मिले फंड में भी गड़बड़ी की गई है. केंद्र ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए 483.5 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन राज्य ने केवल 137 करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे आरटीपीसीआर लैब, ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों की बुनियादी सुविधाएं अधूरी रह गईं. इसके अलावा, मातृत्व लाभ योजना में भ्रष्टाचार और आयुष्मान भारत योजना में धांधली के आरोप भी लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि इन सभी अनियमितताओं के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.

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