Jamshedpur : साकची में श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत को समर्पित छबील लगी, खास और आम लोगों ने सेवा की

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी की 418 वीं शहादत को समर्पित छबील साकची महिवाल ट्रेवल्स चौक में सामाजिक संस्था झारखंड सिख विकास मंच के तत्वावधान में लगाई गई।

इसमें निवर्तमान भारतीय जनता पार्टी सांसद विद्युत बरण महतो सहित कई लोग शामिल हुए और संगत की सेवा की।

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सांसद विद्युत वरण महतो के अनुसार सिख गुरुओं और भक्तों का इतिहास बलिदान से भरा है और इस बलिदान से से ही प्रेरणा लेते हुए देश की आजादी में सबसे ज्यादा कुर्बानी दी। आज भी हमारी सीमा इनके कारण सुरक्षित है और राष्ट्र सिख समाज का ऋणी है।

तख्त श्री हरि मंदिर जी पटना साहिब प्रबंधन कमेटी के महासचिव इंद्रजीत सिंह, संस्था के केंद्रीय संस्थापक और सीजीपीसी के संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू, अध्यक्ष दलजीत सिंह, महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा, पूर्व अध्यक्ष विनोद सिंह, रिटायर्ड डीएसपी बीरेंद्र यादव, साकची थाना प्रभारी संजय कुमार, सेंट्रल सिख नौजवान सभा अध्यक्ष अमरीक सिंह, साकची के पूर्व प्रधान हरविंदर सिंह मंटू पूर्व कैशियर अजीत सिंह गंभीर, महासचिव परमजीत सिंह काले, बलबीर सिंह, त्रिलोचन सिंह, प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, ह्यूम पाइप कमेटी प्रधान दलबीर सिंह, घाटशिला गुरुद्वारा प्रधान हरभजन सिंह, पूर्व प्रधान इंदर सिंह इंदर, हरविंदर सिंह लाली, सविंदर सिंह शिंदे, झारखंड रंगरेटा महासभा अध्यक्ष और भाजपा नेता मनजीत सिंह गिल, झारखंड रंगरेटा सभा हरजिंदर सिंह रिंकू, महासचिव इंदर सिंह, पूर्व अध्यक्ष सतबीर सिंह सोमू, अध्यक्ष चंचल सिंह भाटिया, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, सलाहकार सुखविंदर सिंह राजू, वरीय उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह, उपाध्यक्ष और बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष कुलविंदर सिंह, नानक सिंह, गुरदीप सिंह काके, चेयरमैन करतार सिंह, भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह, रॉकी सिंह, रिक्की सिंह, विनय कुमार, अजय अग्रवाल, जसबीर सिंह सोनी, रविंदर कौर, दलबीर कौर, चरणजीत सिंह, सुधीर सिंह, कुलदीप सिंह, अजीत सिंह, अजायब सिंह आदि ने सेवाएं दी।

इससे पूर्व शहीद बाबा दीप सिंह गुरूद्वारा साहिब के हजूरी ग्रंथी बाबा जसवंत सिंह ने समस्त जीवों के भला की अरदास की। गुरु अर्जन देव जी को मुगल बादशाह जहांगीर के आदेश पर 30 मई 1606 ई को लाहौर रावी नदी के तट पर यशा कानून के तहत शहीद कर दिया गया था।

उन्हीं की शहादत को समर्पित पूरे दुनिया भर में इस वैशाख जेठ की गर्मी में राहगीरों के बीच चना शरबत का वितरण प्रसाद के रूप में किया जाता है। इसके तहत हर खुशी किया संकल्प लेता है कि चाहे कितनी भी विपत्ति आए धैर्य के साथ वाहेगुरु का सिमरन करते हुए शहादत देनी है।

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