फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर पहुंचकर माथा टेका और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर ईचागढ़ विधायक एवं शहीद निर्मल महतो के छोटे भाई तथा राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुधीर महतो की पत्नी सविता महतो समेत कोल्हान क्षेत्र के कई विधायक, पार्टी नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने शहीद निर्मल महतो के संघर्ष, योगदान और बलिदान को याद करते हुए उनके सपनों और आदर्शों पर आधारित झारखंड बनाने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए कई लोगों ने संघर्ष किया और अपना बलिदान दिया, लेकिन निर्मल महतो की शहादत का अपना विशेष महत्व है। उनके संघर्ष और बलिदान ने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को मजबूती प्रदान की और राज्य निर्माण के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का गठन लंबे संघर्ष और अनेक आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। शहीद निर्मल महतो ने राज्य के लोगों के अधिकार, सम्मान और पहचान के लिए संघर्ष किया। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीद निर्मल महतो के सपनों के अनुरूप झारखंड के विकास और आम लोगों के हितों के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य को अशांत करने के पीछे विपक्षी एजेंडा होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष सरकार के खिलाफ लगातार मुद्दे उठाकर ‘छाती पीटने’ की राजनीति कर रहा है।

छात्र आंदोलन के सवाल पर मीडिया से बचते नजर आए सीएम
वहीं, राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर पूछे गए सवालों का उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री का इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से बचना चर्चा का विषय बना रहा।
शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कोल्हान क्षेत्र के कई विधायक, पार्टी पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शहीद निर्मल महतो के योगदान और झारखंड आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
















