भाजपा नेता नीरज सिंह के डबल डाउन बार के पास पुलिस के सामने युवकों की जान खतरे में पड़ी, पुलिस बनी तमाशबीन
सिटी पेट्रोलिंग वाहन से खींच कर हिमांशु को बाहर निकाला, फिर चापड़ से किया गया घातक वार
खुलेआम सड़क पर तांडव के बाद भी पुलिस जवानों ने बदमाशों को दबोचने का नहीं किया प्रयास
सीसीटीवी फुटेज में इस वारदात की पल-पल की कहानी कैद, जिन्होंने देखा उसने पुलिस को कोसा
करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु की स्थिति बेहद गंभीर, कोलकाता रेफर किए गए
टाटा मुख्य अस्पताल में घंटों तक हुआ प्रत्युष का आपरेशन, अब भी बेहोश, हालत में सुधार नहीं
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित भाजपा नेता नीरज सिंह की डबल डाउन बार (डीडी क्लब बार) में पुलिस के सामने दो युवकों पर जानलेवा हमला किया गया. पुलिस वाले यह भांपने में विफल रहे कि उनकी मौजूदगी में दुस्साहस दिखाते हुए दो युवाओं पर ऐसा घातक वार किया जाएगा कि उनकी जान जाने की नौबत आ जाएगी. अफसोसनाक यह है कि युवाओं पर जानलेवा हमले के बाद भी पुलिस जवानों ने बदमाशों को पकड़ने के लिए तत्परता नहीं दिखाई. यदि एक भी हमलावर दबोच लिया जाता तो पुलिस की मौजूदगी के मायने होते. वारदात का एक एक पल सीसीटीवी में कैद है. यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल है और इसे देखने के बाद लोग पुलिस को कोस रहे हैं. बात को थोड़ा घुमाते हैं, बागबेड़ा थाना में किन्नरों का आतंक हुआ था. उससे डरके अभी भी पुलिस नतमस्तक दिख रही है? आगे बढ़ें...
खैर, शनिवार की देर रात बार से नीचे आए आदित्यपुर हरिओम नगर के प्रत्युष आनंद और हिमांशु सिंह पर चापड़ से ऐसा वार हुआ है कि उनकी जान पर बन आई. दोनों की हालत बेहद नाजुक है करणी सेना के सरायकेला खरसावां के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह कि स्थिति बिगड़ते देख उन्हें कोलकाता रेफर किया गया है. इधर टाटा मुख्य अस्पताल में लंबे ऑपरेशन के बाद भी प्रत्युष आनंद की हालत में खास सुधार नहीं है. वे अचेत हैं. इधर, दावा है कि इस लड़ाई में सिटी पेट्रोलिंग वाहन के एक पुलिस वाले के सर पर भी चोट आई है. उनका भी इलाज कराया जा रहा है. बिष्टुपुर थाना में इसकी भी शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस को सूचना है कि दो गुटों में बार के भीतर झमेला हुआ था, जिसके कारण बात बढ़ती चली गई. दूसरे गुट के भी एक युवक को चोट लगी है और वो एमजीएम में इलाज करा रहा है.
हिमांशु और प्रत्युष के परिजन भाजपा नेता नीरज सिंह के बार से लेकर टीएमएच तक भाग दौड़ करते रहे. उन लोगों ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जुटाए हैं. फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिस के सामने युवकों पर चापड़ से हमला होता रहा. पुलिस ने न तो हमलावरों को रोकने का प्रयास किया और न ही उन्हें पकड़ने की कोशिश की. परिजनों का दावा है कि पेट्रोलिंग वाहन से खींचकर चापड़ से हिमांशु पर हमला किया गया. हिमांशु घायलावस्था में सड़क पर पड़े रहे. पुलिस वालों ने उन्हें उठाने का प्रयास भी नहीं किया. हमलावर वारदात को अंजाम देकर निकल गए और पुलिस देखती रह गई.
बहरहाल, पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है. जानकारी मिली है कि डबल डाउन क्लब में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. इसके बाद दोनों गुटों के युवाओं को क्लब से बाहर निकाल दिया गया. बाहर निकलने के बाद एक गुट के लड़कों ने अपने साथियों को बुलाया और हिमांशु और प्रत्युष पर हमला किया दिया. हिमांशु और प्रत्युष बीचबचाव करने में फंस गए. गौर करने वाली बात यह भी है कि डबल डाउन बार ऐसी जगह है जहां अक्सर बड़ा बखेड़ा होते रहता है. कारण बताया जाता है कि वहां महिलाओं का डांस चलता है. इसी कारण भी छोटी बात का बतंगड़ बन जाता रहा है.
सिटी पेट्रोलिंग वाले पूछताछ के लिए रोके नहीं होते तो शायद हमला नहीं होता
डीडी बार के भीतर झमेला के बाद सिटी पेट्रोलिंग वाहन नीचे सड़क पर आ गयी थी. लड़ाई में शामिल युवकों को बार से बाहर भेज दिया गया था. एकबारगी मामला शांत दिख रहा था. सिटी पेट्रोलिंग के पुलिस वालों ने हिमांशु और प्रत्युष को रोक कर बार में हुई घटना की जानकारी लेनी शुरू की. सहज तरीके से बात हो रही थी. उसी दौरान विरोधी पक्ष के युवक अचानक आए हमला किया और निकल गए. पुलिस वाले देखते रह गए. फिलहाल पुलिस ने शक के आधार तीन युवकों को हिरासत में लिया है.
खैर, इस मामले में एक सटीक शायरी डीडी बार पर फिट बैठती है, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय है की यहां शराब, शबाब और कबाब का खेल पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है? पिछली बार की कार्रवाई में भी हुक्का, और अन्य मामलों को लेकर थाना ने कार्रवाई की थी, लेकिन सभी मामले थाना के अंदर से ठंडे बस्ते में चले गए.
नए नए थाना प्रभारी आये और अपनी काबिल अदाएं इस डीडी बार पर न्योछावर करते गए। नतीजा आज रहा कि दो-दो युवा के साथ पुलिस वाले तक जख़्मी होने की खबर सुर्खियों में बन गई। अब देखना यह है कि डीडी बार के मालिक को पुलिस सामने ला पाती है या फिर जस के तस कि तरह अव्यवस्था का आलम बना रहेगा। चापड़ गैंग पर लगाम लगाना भी पुलिस की कार्यशैली की पोल खोलता है.
बता दें कि जमशेदपुर में रात भर बार संचालित, शराब बिक्री खुलेआम हो रही है, जिला प्रशासन इसपे लगाम लगाने में नाकाम हो रही है। पुलिस वाले देह व्यापार के सड़कों पर चलने वाले धंधे पर लगाम लगाने में असमर्थ है, तो फिर इस शहर का भगवान मालिक है? सूत्र बताते हैं कि बार में बंगाल की शराब बिक्री होती है. हुक्का चलता है, डांस होता है. स्थानीय थाना इससे अनभिज्ञ है तो यह काबिले तारीफ है? वैसे सूत्र यह भी बताते हैं कि थाना प्रभारियों का एक रूम उनके क्षेत्र में होटल का फिक्स रहता है. क्रमशः….




