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Jamshedpur : क़ौमी सिख मोर्चा ने गुरु पर्व की बधाई दी

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क्या परिजन का जन्मदिन सप्ताह बाद मनाएंगे : कुलबिंदर

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर से क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने सिख पंथ के दसवें गुरु खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की सभी नगरवासियों, संगत को बधाई दी है।
उनके अनुसार साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान निशान सिंह उनकी टीम और संगत बधाई की पात्र है, जिन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व पौष सुदी सप्तमी को बड़े ही उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया है। उन्होंने भावनामय शानदार खालसाई शान के साथ नगर कीर्तन निकालकर लोगों को इतिहास की तारीख से जुड़ने का संदेश दिया है।

इसके साथ ही अधिवक्ता ने सवाल उठाया है कि क्या हम अपने परिजन माता-पिता बेटे बेटी का जन्मदिन आठवें दिन मनाएंगे? क्या हम उस विचारधारा के पोषक हैं जिसमें कहा जाता है कि सोमवार से शनिवार तक संसार को बनाया गया और रविवार को अवकाश किया। जो रविवार को नगर कीर्तन का आयोजन करने का फैसला हुआ।
वहीं उन्होंने सफर ए शहादत 21 जनवरी से 28 जनवरी तक मानने वालों को विक्रम संवत का अध्ययन करने की सलाह दी है। शहीदों से हमें सालों भर जुड़े रहना चाहिए यदि उन्हें अंग्रेजी माह की तारीख 21 दिसंबर से 28 दिसंबर पसंद है और सही मानते हैं तो वह फिर 22 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व क्यों नहीं मनाते? गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म तो 22 दिसंबर 1666 ई को हुआ था,

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क्या यह ऐतिहासिक तथ्य गलत है? परंपरा विक्रम संवत की रही है और इसलिए पौष सुदी सप्तम अर्थात 27 दिसंबर शनिवार को गुरु पर्व मनाया गया है। क्या यह तथ्य गलत है कि पौष सुदी अष्टमी को दोनों बड़े साहबजादे और पौष सुदी 13वीं को छोटे साहबजादे और माता गुजरी जी का शहादत हुआ था। कुलबिंदर सिंह के अनुसार लोगों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति के पीछे जाने की बजाय जो रवायत परंपरा है उसका पालन करना चाहिए।

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