छात्र न्याय और किसान सम्मान के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की नौ घंटे की भूख हड़ताल सोमवार को
NEET पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चलेगा आंदोलन
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 27 जुलाई को साकची बड़ा गोलचक्कर पर छात्र और किसान मुद्दों को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस आंदोलन में NEET पेपर लीक, जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों पर हुए कथित बर्बर लाठीचार्ज तथा किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के जमशेदपुर प्रमुख भगवान सिंह की सहमति से वरिष्ठ झामुमो नेता डॉ. अवतार सिंह संधू के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बारिश की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर पक्का पंडाल बनाया जाएगा। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए डॉ संधू रणनीति के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं।

आंदोलन की शुरुआत हालिया घटनाओं में 21 विद्यार्थियों की मौत पर श्रद्धांजलि एवं शोकसभा से होगी। इसके बाद छात्र न्याय और किसान अधिकारों को लेकर दिनभर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल जारी रहेगी। किसान नेता भगवान सिंह अपने समर्थकों के साथ आंदोलन में मुख्य रूप से शामिल होंगे।

आयोजकों का कहना है कि अमेरिका के साथ किसानों से जुड़ी हुई कथित डील भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है। इस समझौते को रद्द करने की मांग आंदोलन का प्रमुख एजेंडा होगी। साथ ही छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी बुलंद की जाएगी।
आंदोलन के आयोजकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए इसका स्वागत किया है।

कार्यक्रम को व्यापक बनाने के लिए डॉ. अवतार सिंह संधू विभिन्न गुरुद्वारों, सामाजिक संगठनों और महिला समूहों से समर्थन जुटा रहे हैं। आंदोलन में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रहने की संभावना है। शहर को बड़े बड़े पोस्टर से पाटा गया है। शाम को 5 बजे पूर्वी सिंहभूम के चारों विधायक क्रमशः पोटका, जुगसलाई, घाटशिला और बहरागोड़ा आकर आंदोलन में अपना समर्थन देंगे और अनशन समाप्त करा सकते हैं।

क्या कहते हैं नेता
भगवान सिंह (जमशेदपुर प्रमुख, संयुक्त किसान मोर्चा) ने कहा: “देश के अन्नदाता और विद्यार्थी दोनों आज अन्याय का सामना कर रहे हैं। किसानों के हितों के खिलाफ किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया जाएगा और छात्रों को न्याय मिलने तक हमारी आवाज बुलंद रहेगी।”
डॉ. अवतार सिंह संधू (वरिष्ठ झामुमो नेता) ने कहा:
“यह आंदोलन किसी दल का नहीं, बल्कि छात्रों और किसानों के सम्मान की लड़ाई है। हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाएंगे। सभी सामाजिक और धार्मिक संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील है।”

वरीय झामुमो नेता गुरमीत सिंह गिल ने कहा : “देश के अन्नदाता और युवाओं की आवाज़ को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। संयुक्त किसान मोर्चा किसानों और छात्रों के न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा।”

आंदोलन को समर्थन मिलने का सिलसिला जारी
मानगो के पूर्व प्रधान इंदर सिंह इंदर, सतनाम सिंह गंभीर, हरबीर सिंह उर्फ पप्पू भाटिया, मनोज यादव, सुखविंदर सिंह सूक्खे, रीतू कौर, राखी सिंह, अब्दुल सामद, जसबीर सिंह पदरी, सोनारी के प्रधान बलबीर सिंह, नामदाबस्ती के दलजीत सिंह, लवली सिंह आदि। डॉ संधू हर रोज कई दौर की बैठकें आयोजित कर देश हित में सामाजिक संगठनों के साथ आम जन से समर्थन मांग रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं। अब सोमवार को होने वाला आंदोलन उनकी मेहनत का रंग दिखायेगा।










