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Jamshedpur Crimnal : कार्तिक मुंडा की मौ*त के साथ दफन हो गए कई राज

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

कार्तिक मुंडा एक शातिर अपराधी था. जमशेदपुर की पुलिस उसे बीते डेढ़ दशक से तलाश रही थी. हालांकि पुलिस की नजरों से दूर रहते हुए भी उसका नाम कई सारी घटनाओं में आता रहा है. हाल ही में आदित्यपुर के कल्पनापूरी में हुए विवेक हत्याकांड में कार्तिक मुंडा का नाम सामने आया था. विवेक हत्याकांड में पकड़ाए आरोपियों ने कार्तिक का नाम लिया था.

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वहीं गम्हरिया एमटीसी बिल्डिंग के पास नौ अप्रैल को झामुमो नेता उत्तम दास उर्फ बाबू एवं कारोबारी अजय प्रताप सिंह पर बम से हमला की घटना को कार्तिक मुंडा गिरोह ने अंजाम दिया था. दोनों के बीच जमीन विवाद को लेकर लड़ाई चल रही थी. आदित्यपुर का विक्की नंदी और सागर लोहार (जेल में बंद) के बीच विवाद चल रहा था. सागर लोहार और संतोष थापा ने कार्तिक मुंडा के साथ हाथ मिला लिया था जिसके बाद सभी ने आदित्यपुर और आस-पास के क्षेत्रों में अवैध धंधा शुरु किया था. कार्तिक मुंडा बम बनाने में माहिर था. वह सभी पर बम से ही हमला करता था.

अखिलेश सिंह के लिए काम करता था कार्तिक
कार्तिक मुंडा मूल रूप से सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के उंराव बस्ती का रहने वाला था. यहां रहते हुए उसने शराब का अवैध धंधा शुरु किया. .यहां से ही अपराध जगत में आने की शुरुआत की. इसके बाद उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया और फिर अखिलेश सिंह के लिए काम करने लगा. हालांकि किसी कारणवश वह अखिलेश सिंह को छोड़कर परमजीत गिरोह में शामिल हो गया. साल 2009 में जेल में परमजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त भी कार्तिक जेल में ही बंद था. कार्तिक हत्या का चश्मदीद गवाह भी था. साल 2010 में वह जेल से जमानत पर बाहर आया. हालांकि इसके बाद उसे पुलिस भी नहीं पकड़ पाई. फरार रहने के दौरान उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया.

कई अवैध धंधों में डाला हाथ
कार्तिक मुंडा ने अपराध की शुरुआत अवैध शराब बिक्री से की थी. इसके बाद कार्तिक पर फायरिंग और हत्या का भी आरोप लगा आदित्यपुर में सागर और संतोष थापा से हाथ मिलाने के बाद तीनों ने मिलकर कई अवैध धंधे शुरु किए. इसमें जमीन कब्जाना, जुआ और मटका अड्डा, अवैध लॉटरी का धंधे के अलावा स्क्रैप का भी धंधा कर रहा था. इस बीच विक्की नंदी रोड़ा बन रहा था जिसको रास्ते से हटाने की भी प्लानिंग थी. हालांकि विक्की नंदी कदमा में हुए भोलू कर्मकार हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था.

जमशेदपुर में दर्ज है दर्जनों मामले
पुलिस रिपोर्ट की माने तो कार्तिक मुंडा के खिलाफ जमशेदपुर में हत्या, फायरिंग समेत कई अन्य मामले दर्ज है. वहीं टाटानगर रेल थाना में भी कार्तिक के खिलाफ कई मामले दर्ज है. कार्तिक के खिलाफ कुल 17 मामलो में वारंट जारी किया गया है वहीं तीन मामलो में फिरार बताया गया है. कार्तिक के खिलाफ 10 से ज्यादा मामले आर्म्स एक्ट के दर्ज है. वहीं कई हत्या के मामलों में भी वह वांछित रहा है.

कार्तिक मुंडा के साथ ही दब गए कई राज
पुलिस कार्तिक मुंडा को जिंदा पकड़ाना चाहती थी पर उसकी मौत हो गई. अगर कार्तिक जिंदा पुलिस की गिरफ्त में आता तो पुलिस उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लेती जिससे कई लोगों के नाम सामने आते. हालांकि पुलिस अब कार्तिक के साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है.

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