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Jamshedpur : उपायुक्त के निर्देश पर पशुधन के इंश्योरेंस क्लेम हेतु पशुपालन कार्यालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

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फतेह लाइव, रिपोर्टर

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लाभुकों को पशुधन के मृत होने की स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम का लाभ मिलता है. उपायुक्त अनन्य मित्तल के संज्ञान में सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ क्षेत्र भ्रमण के पश्चात गत शनिवार को आयोजित बैठक में यह मामला आया था कि जानकारी के अभाव में पशुपालक इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर पाते हैं. इसी के मद्देनजर उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी का हेल्पलाइन नंबर व भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी का फोन नंबर जारी करने का निर्देश दिया था ताकि लाभुकों को इंश्योरेंस क्लेम करने में उचित परामर्श मिल सके. पशुपालकों को चिकित्सा सेवा प्राप्त करने के लिए Toll Free NO 1962 है जिसमें चिकित्सीय परामर्श का समय सुबह 9:00 बजे से संध्या 5:00 बजे तक है.

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छोटे पशु (सुकर, बकरी एवं चूजा) की मृत्यु हो जाने की दशा में लाभार्थी द्वारा अपने निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी को तुरंत सूचना देना आवश्यक है. साथ ही बीमा इंटरमीडियरी (HIBL) को फोन नंबर 7311129628 एवं बीमा कंपनी (नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) को 180100 @nic.co.in ईमेल के माध्यम से सूचना देनी होगी. बड़े पशु (गाय एवं भैंस) की मृत्यु हो जाने की दशा में अपने निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी को तुरंत सूचित करेंगे. साथ ही पप्पु कुमार (मो० नं० – 8294835556), सुमदिप रंजन (मो० नं० 7545999918) ईमेल: 210605@uiic.co.in को सुचित करना सुनिश्चित करेंगे. पशु-पक्षी की बीमारी से मृत्यु होने के सम्बन्ध में 15 दिनों तक कोई भी क्लेम देय नहीं होगा.

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क्या होने पर बीमा दावा मिलता है

  1. सरकारी/निबंधित पशु चिकित्सक द्वारा पशुओं की चिकित्सा.
  2. पशुओं का इलाज के बाजजूद मृत्यु हो जाने पर.
  3. पशु के सांप काटने, सड़क पर वाहन के चपेट में आने पर तथा कुओं में गिर जाने पर मृत्यु के उपरांत.

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क्या होने पर दावा नहीं मिलता है

  1. बीमा कराये जाने के 15 दिन के अन्दर बीमार होने तथा मृत्यु हो जाने पर.
  2. किसी दूसरे को बेच दिये जाने पर.
  3. बीमा कम्पनी को बिना सूचना दिये पशु के स्थान परिवर्तन हो जाने पर.
  4. यदि पशु में टैग नहीं लगा हो अथवा खो गया है.
  5. पशु की चोरी हो जाने पर.

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पशु की मृत्यु पश्चात् बीमा दावा प्राप्त करने का नियम

  1. पशु के मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम के पहले पॉलिसी नम्बर के साथ तुरन्त संबंधित बीमा कम्पनी को सूचित किया जाना अनिवार्य है.
  2. मृत पशु का सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करना.
  3. पशु की मृत्यु पशचात् दो दिनों के अन्दर संबंधित बीमा कम्पनी को लिखित आवेदन द्वारा सूचित किया जाना अनिवार्य है.
  4. बीमा कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराये गए दावा पत्र में सभी सूचना भरकर सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा निर्गत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृत पशु का रंगीन फोटो (कान में टैग लगा सहित) अक्षुण्ण (Intact) कान का टैग, मृत्यु के 14 दिनों के अन्दर पशु का चिकित्सा संबंधी पशु चिकित्सक का पुर्जा तथा क्रय किए पशु औषधि का रसीद आदि के साथ बीमा कम्पनी को जमा कराया जाना अनिवार्य है.
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