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The crime story of a flower seller : फूल विक्रेता के कारोबार से ब्रॉउन शुगर का किंग बना आबिद खान, अब हुआ तड़ीपार, ये हैं भयावह अपराधिक मामले

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महंगी कारें थार, स्कार्पियो और जमीन बनाने का रखता है शौक

फूल कारोबार की आड़ में नौजवानों को धकेल रहा नशे की राह में, प्रशासन ने पकड़ा, तो तत्काल लिया एक्शन

ससुर गफ्फार की सल्तनत को आगे बढ़ा रहा है आबिद, पत्नी, साली सब मिलेजुले

तत्कालीन डीआरएम के आदेश को भी नहीं लागू कर पाया लैंड विभाग, अब भी जारी है अवैध कारोबार

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर जिला प्रशासन ने परसुडीह थाना इलाके के गाढ़ीवान पट्टी निवासी मो. सलीम के बेटे आबिद खान को जिला बदर करने का आदेश फ़रमाया है. 10 दिसंबर से 9 मार्च 2026 तक आबिद को जिला में प्रवेश नहीं करने (जिला निष्कासन) यानी तड़ीपार कराने का आदेश परसुडीह थानेदार अविनाश कुमार को प्राप्त हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपनी कार्रवाई को पूर्ण रूप से अंजाम दे दिया है. हालांकि विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बुधवार 10 दिसंबर को भी वह एक काली स्कार्पियो में इलाके में घूमता हुआ देखा गया.

आबिद रेलवे केंद्रीय विद्यालय के पास रेलवे की जमीन जहां उसके ससुर गफ्फार ने ब्रॉउन शुगर की बिक्री शुरू की. वहीं ज्यादा वक्त बिताता है. यह कहना गलत नहीं होगा कि वह अपने ससुर की सल्तनत को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है. दशकों पूर्व वह फूलों के कारोबार से जुड़ा था. उसे उसके भाई संभाल रहे हैं. तभी से उसे महंगी और अनोखी गाड़ियों में घुमने का शौक रहा है. नशे के इस अवैध कारोबार की कमान संभालने के बाद उसने थार, स्कार्पियो तक गाड़ियां बनाई. कई जगह जमीन भी ले रखी है. यही उसका शौंक है. जनवरी माह में 250 ग्राम ब्रॉउन शुगर के साथ वह पकड़ाया था. उसके पास बैग में लाखों रूपये थे, लेकिन फिर भी उसे लाल घर जाना पड़ा था. उस समय पुलिस को खरीदने की खूब कोशिश हुई थी?

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बहरहाल, उसकी विभिन्न अपराधिक गतिविधियों और उसके द्वारा नौजवान पीढ़ी को नशे की लत लगाने, उन्हें पैसों का लालच देकर नशा बिकवाने के मामले में जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है. सूत्र बताते हैं कि उसने आदित्यपुर में फूल दुकान की आड़ में भी अपना कारोबार फैला रखा है. कुंडू भवन में फूल सजाने का ठेका भी उसी की धौंस पर चल रहा है. कुल मिलाकर पुलिस प्रशासन के प्रतिवेदन अनुसार आबिद शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में ब्रॉउन शुगर का नशा फैला रहा है. इसलिए उसे तड़ीपार किया जाता है. इस आदेश के बाद आबिद आदित्यपुर में रहकर उस क्षेत्र को बर्बाद करेगा या फिर अपना साम्राज्य बनाएगा, यह सरायकेला पुलिस के लिए चुनौती होगी कि उसकी पोल खोले.

रेल क्षेत्र में हो रहा कारोबार, लैंड विभाग ने बंद कर रखी आंखें

बताया जाता है कि केंद्रीय विद्यालय के पास रेलवे की जमीन पर गफ्फार का अतिक्रमण कर घर बना हुआ है. वहां एक शेड भी है. वहीं से ब्रॉउन शुगर का साम्राज्य फैल रहा है. तत्कालीन डी आर एम ने इसे तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन लैंड विभाग आंख बंद किये हुए है. तत्कालीन ओसी ने वर्दी की लाज बचाते हुए यहां से एक गैंगस्टर को भगाया था, तो ब्रॉउन शुगर का कारोबार करके युवाओं की नसें खोखली करने वाले गफ्फार और उनकी बेटियों के साम्राज्य पर कार्रवाई क्यों नहीं? यह सवाल लोगों के जहन में बना हुआ है.

आबिद पर ये है अपराधिक मामले

13 जुलाई 2009 में बलिया निवासी हरक नारायण साव ने चार अज्ञात पर लूट का मामला दर्ज कराया था. पुलिसिया अनुसंधान में राजनगर के जगरनाथ लोहरा उर्फ फुदकू, बिरसानगर के जितन गोप उर्फ जीतू, आबिद खान और हल्दीपोखर के सामंतो गोप, सरायकेला के विजय सवैया, इरसाद अली, किताडीह के मो. कलामुद्दीन के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत आरोप पत्र समर्पित किया गया.

2021 में परसुडीह थाना में NDPC Act के तहत आबिद और उसकी पत्नी रूही परवीन पर मामला दर्ज किया गया.

2009 में सुंदरनगर थाना में पोटका निवासी दशरथ सरदार के बयान पर अज्ञात के खिलाफ लूट का मामला दर्ज हुआ. इसमें भी अन्य आरोपियों के साथ आबिद खान का नाम आया था.

2009 में ही आबिद पर सुंदरनगर थाना में दरोगा के जमा के बयान पर आर्म्स एक्ट का मामला हुआ. इसमें उसके साथ अनुसंधान में छह आरोपी और शामिल हुए.

2022 में परसुडीह थाना में फिर पूर्व थानेदार राम कुमार वर्मा के बयान पर Ndpc एक्ट का मामला दर्ज हुआ. इसमें भी पत्नी रूही परवीन, जरीना खातून, साली रूबी परवीन जिसका पति हसमत खान, बबलू उर्फ टार्जन आरोपी बनाये गए.

2021 में भी आबिद पर Ndpc एक्ट के तहत अवर निरीक्षक मुकेश यादव ने मामला दर्ज किया. इसमें सोपोडेरा के संतोष लोहार उर्फ छोटू को भी आरोपी बनाया गया.

2005 कों जुगसलाई थाना में हरि प्रसाद बजाज ने अज्ञात के खिलाफ घर में घुसकर भुजाली का भय दिखाते हुए लूट का मामला दर्ज कराया. उसमें भी आबिद खान के साथ अन्य तीन लोगों का नाम आया.

2011 को जुगसलाई थाना में फिरोज उर्फ बबलू के बयान पर हत्या का मामला दर्ज हुआ. इसमें कुल नौ लोग आरोपी थे. इनमें आबिद का भाई साजिद का नाम भी शामिल है.

आबिद पर ये सनहा भी हैं दर्ज

दिसंबर 2024 में थाना के ASI भुवन महतो ने बताया कि लोग आबिद खान के ब्रॉउन शुगर के धंधे को लेकर डरे सहमे हुए हैं. स्थानीय जनता में भी आक्रोश है.

फिर 2024 को ही एसआई अरुण कुमार ने ब्रॉउन शुगर के कारोबार और लोगों में व्याप्त भय को लेकर मामला दर्ज कराया. इससे विधी व्यवस्था कभी भी बिगड़ सकती है.

2024 में थाना के पदाधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि आबिद जुगसलाई इलाके में भी ब्रॉउन शुगर बेचने का काम कर रहा है. छोटे बच्चों की आड़ में ब्रॉउन शुगर बेचवाने का काम कर रहा है.

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