फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के गोविंदपुर यशोदा नगर क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलजमाव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यशोदा नगर विकास समिति के अर्जुन कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी जमशेदपुर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
समिति ने अपने आवेदन में बताया है कि यशोदा नगर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ शाखा सड़कों पर वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। खासकर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और नौकरी-पेशा लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क और नाली का अंतर समाप्त हो जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। गंदा और ठहरा हुआ पानी आसपास के वातावरण को दूषित कर रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा कई घरों के आसपास भी पानी जमा हो जाता है।
यशोदा नगर विकास समिति ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। समिति ने नालियों के निर्माण, जाम नालियों की सफाई तथा आवश्यकतानुसार नई ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग भी उठाई है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
समिति ने अपने आवेदन के साथ क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को दर्शाने वाले फोटो और वीडियो भी व्हाट्सएप के माध्यम से प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं, ताकि अधिकारियों को समस्या की गंभीरता का सही आकलन हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी बारिश के दौरान हालात और भी विकट हो सकते हैं।
यशोदा नगर विकास समिति ने उम्मीद जताई है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेगा और आवश्यक कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों को जलजमाव की परेशानी से राहत दिलाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का अब स्थायी निस्तारण किया जाना चाहिए।









