आईआईसी ने छात्रों को स्टार्टअप योजनाओं की दी जानकारी, एआई को साधन के रूप में इस्तेमाल करने की दी सलाह
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
धनबाद के बीआईटी सिंदरी में नवप्रवेशित बीटेक विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कम ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026-30 के दसवें दिन शुक्रवार को विभिन्न विषयों पर जानकारीपूर्ण एवं प्रेरक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप, ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स और कोडिंग से जुड़े अवसरों से परिचित कराया गया।

पहले सत्र में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) और एलुमनी सेल की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईआईसी के प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. प्रकाश कुमार ने विद्यार्थियों को काउंसिल की गतिविधियों तथा टैक्सीलरेट और उड़ान जैसी विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी।
इसके बाद संस्थान के निदेशक एवं आईआईसी के चेयरमैन प्रो. डॉ. पंकज राय ने विद्यार्थियों को एआईसीटीई की विभिन्न स्टार्टअप योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई और चैटजीपीटी का उपयोग एक उपयोगी उपकरण के रूप में करने, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल ज्ञान, सोचने की क्षमता और रचनात्मकता को विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि उसे इन क्षमताओं का विकल्प बनाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान आगामी गतिविधियों के लिए IIC 9.0 भी लॉन्च किया गया। विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संस्थान में संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। उन्हें समस्या आधारित सोच विकसित करने, नए विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने तथा व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
सत्र में विद्यार्थियों को पेटेंट, कॉपीराइट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप पंजीकरण और इनक्यूबेशन सुविधाओं से संबंधित प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। समापन अवसर पर प्रो. प्रकाश कुमार, डॉ. प्रियंका कुमारी और प्रो. विजय बेसरा ने टैक्सीलरेट तथा उड़ान फेलोशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
रेसिंग कार से रोबोटिक्स तक मिली तकनीकी जानकारी
दोपहर के सत्र में SAE (Society of Automotive Engineers) ने विद्यार्थियों को तकनीकी गतिविधियों और क्लब से जुड़कर काम करने के अवसरों की जानकारी दी। छात्रों को रेसिंग कार और ऑफ-रोड वाहनों (ATV) के डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। साथ ही क्लब की उपलब्धियों और विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके अलावा मॉडल क्लब के सत्र में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, कोडिंग और ड्रोन रेसिंग से जुड़े अवसरों के बारे में बताया गया। छात्रों को क्लब की ओर से आयोजित नेशनल हैकथॉन, संधान और रोबोसागा जैसी तकनीकी गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. (डॉ.) आर.के. वर्मा, चेयरमैन, इंडक्शन प्रोग्राम; प्रो. (डॉ.) राहुल कुमार, कन्वेनर, इंडक्शन प्रोग्राम तथा प्रो. संजय पाल का सक्रिय योगदान रहा।
इस दौरान प्रो. विजय कुमार बेसरा, डॉ. सोमनाथ साहा, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. उस्निस बनर्जी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. कोमल कुमारी, डॉ. शबनम स्वाती मिंज, प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय और डॉ. निरुपमा सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों एवं छात्र समन्वयकों का सहयोग रहा।



































