जिला बार संघ की बैठक में अधिवक्ताओं, नोटरी पब्लिक, टाइपिस्ट व अन्य रोज कमाने वाले लोगों के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर जिला बार संघ भवन के द्वितीय तल स्थित टेबल नंबर 20 पर 25 सितंबर 2026 को अधिवक्ताओं की एक आवश्यक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्रा ने की। बैठक में पुराने कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने और रोजमर्रा के कार्यों के निष्पादन के लिए उपलब्ध व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुराने कोर्ट परिसर स्थित बार भवन के अंदर अधिवक्ता राम दुबे द्वारा एक कोने में स्थित टेबल पर बैठने वाले अन्य अधिवक्ताओं को वहां से बाहर कर दिया गया है। उनके अनुसार, वहां बड़ी संख्या में कुर्सियां रखे जाने के कारण अन्य अधिवक्ताओं को अपना नियमित कार्य करने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि जगह की कमी के कारण कई अधिवक्ता पुराने कोर्ट परिसर में बाहर झोपड़ी नुमा अस्थायी स्थानों पर बैठकर अपना कार्य कर रहे हैं। इन स्थानों पर उनके साथ नोटरी पब्लिक, टाइपिस्ट, वेंडर्स, चाय बनाने वाले तथा अन्य रोज कमाने वाले लोग भी अपना काम करते हैं।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
बैठक में बताया गया कि इन अस्थायी व्यवस्थाओं को लेकर राम दुबे की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में रिट पिटीशन संख्या 4838/2026 दाखिल की गई थी। 9 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट ने मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस तरह के मामले को देखने की जिम्मेदारी उपायुक्त के स्तर पर है।
इसके बाद इसी मामले को लेकर LPA संख्या 464/2026 झारखंड हाईकोर्ट की डबल बेंच में दाखिल की गई। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को उपायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर अदालत के समक्ष यह बात सामने आई कि पुराने कोर्ट परिसर में अस्थायी रूप से किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। वहां लोग अपने दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए अस्थायी झोपड़ी नुमा स्थानों पर बैठते हैं।
समिति बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात
बैठक में बताया गया कि मामले में एक समिति गठित की गई है, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला बार संघ के अध्यक्ष को सदस्य बनाया गया है। समिति की देखरेख में अधिवक्ताओं, नोटरी पब्लिक, टाइपिस्ट, वेंडर्स और रोज कमाने वाले अन्य लोगों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है।
बैठक में कहा गया कि पुराने कोर्ट परिसर में कार्य करने वाले सभी लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है, जिससे अधिवक्ताओं को अपना पेशेवर कार्य करने में परेशानी न हो और अन्य लोगों की आजीविका भी प्रभावित न हो।
बैठक में अधिवक्ता अक्षय कुमार झा, रमन जी ओझा, ओमप्रकाश मिश्रा, अमित कुमार, मनोज भूषण प्रसाद, अरुण बहादुर सहित कई अधिवक्ता उपस्थित थे।




































