मरीन ड्राइव-फागु बाबा क्षेत्र में तड़के पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग, अजीत मंडल के बाएं और मोहन यादव के दाएं पैर में लगी गोली; दोनों एमजीएम अस्पताल में भर्ती
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट फायरिंग कांड की जांच के दौरान बुधवार तड़के पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव-दोमुहानी के आसपास हथियार बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ हुई फायरिंग में मामले के कथित शूटर अजीत मंडल और मोहन यादव घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी है। उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हथियार बरामदगी के लिए पुलिस लेकर पहुंची थी
पुलिस के अनुसार, बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग की घटना में इस्तेमाल हथियार के संबंध में पूछताछ के बाद अजीत मंडल और मोहन यादव को पुलिस टीम मरीन ड्राइव क्षेत्र में लेकर पहुंची थी। आरोपियों ने हथियार को झाड़ियों/पेड़ के पीछे छिपाकर रखने की जानकारी दी थी। पुलिस टीम ने वहां से हथियार बरामद किया।
पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने का आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक, हथियार बरामद होने के बाद अजीत मंडल ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। पुलिस की गोली से अजीत मंडल और मोहन यादव घायल होकर गिर पड़े।
दोनों शूटर एमजीएम में भर्ती
गोली लगने के बाद पुलिस ने दोनों को तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। रिपोर्टों के अनुसार अजीत मंडल के बाएं पैर और मोहन यादव के दाएं पैर में गोली लगी है। दोनों का इलाज चल रहा है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है।
26 सितंबर को उडुपी रेस्टोरेंट में हुई थी 11 राउंड फायरिंग
सोनारी के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को दिनदहाड़े फायरिंग हुई थी। पुलिस के अनुसार हमलावरों ने करीब 11 राउंड गोलियां चलाई थीं, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। घटना के बाद एसआईटी गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में अजीत मंडल और मोहन यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। दोनों को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस लगातार घटना में इस्तेमाल हथियार और वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी थी।
मुठभेड़ के बाद जांच तेज
मुठभेड़ की सूचना के बाद वरीय पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हथियार कहां से आया, उसे किसने उपलब्ध कराया और बिंदल मॉल फायरिंग के पीछे वास्तविक साजिश क्या थी। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों और कथित शूटरों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ रही है।




































