धनचटानी में छठे दिन 50 स्वयंसेवकों ने पौधों की देखभाल, शैक्षणिक सहयोग और नशामुक्ति के लिए नुक्कड़ नाटक किया
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कदमा के एनएसएस यूनिट-1 की ओर से गोद लिए गए ग्राम धनचटानी में चल रहे विशेष शिविर के छठे दिन गुरुवार को शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, साइबर जागरूकता, शैक्षणिक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर पूनम कुमारी के नेतृत्व में 50 स्वयंसेवकों ने दिनभर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।

पौधों की देखभाल कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
दिन की शुरुआत विद्यालय परिसर में पूर्व में लगाए गए पौधों की देखभाल से हुई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने पौधों में पानी डाला और उनकी स्थिति का निरीक्षण किया। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
विद्यार्थियों को दी डिजिटल साक्षरता की जानकारी
इसके बाद स्वयंसेवकों ने कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के साथ डिजिटल साक्षरता पर संवाद किया। विद्यार्थियों को डिजिटल साधनों के सही उपयोग, डिजिटल ज्ञान की आवश्यकता तथा शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई।
स्वयंसेवकों ने संवादात्मक तरीके से विद्यार्थियों को विषय समझाया और उनकी शैक्षणिक समझ को मजबूत करने में सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल और साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया।
नुक्कड़ नाटक से नशामुक्ति और महिला सुरक्षा का संदेश
पंचायत भवन में एनएसएस स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को नशामुक्त भारत और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक किया। नाटक के माध्यम से सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।
महिलाओं को दिया मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
पंचायत भवन में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित सैद्धांतिक जानकारी दी गई थी। गुरुवार को दूसरे चरण में प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय और युवाओं को कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा।
दिनभर की गतिविधियों की हुई समीक्षा
दिन के कार्यक्रम के अंत में दैनिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें स्वयंसेवकों ने पूरे दिन की गतिविधियों की समीक्षा की तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की। शिविर की गतिविधियों को सफल बनाने में कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह सचिव सुधा दिलीप, प्राचार्य डॉ. मोनिका उप्पल, उप प्राचार्या डॉ. पामिला घोष दत्ता, शिक्षकगण एवं सहायक कर्मचारियों की सकारात्मक भूमिका रही।




































