Jamshedpur : बच्चों ने निकाला अखबार, लिखी बस्ती की समस्या, कविता-कहानी, चित्रकारी से सजाया पन्ना

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लाइफ स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान बच्चों ने जाना सूचना संचार, अखबार और मीडिया का इतिहास

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

शहर की सामाजिक संस्था और बच्चों, महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने वाली आदर्श सेवा संस्थान की ओर से बिष्टुपुर के एक होटल में बच्चों के लिए एक दिवसीय लाइफ स्किल ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस ट्रेनिंग वर्कशॉप में शहर के विभिन्न स्लम बस्ती में रहने वाले 35 बच्चे शामिल हुए. कार्यक्रम में आदर्श सेवा संस्थान की ओर से लक्खी दास, एम अरविंदा और रिसोर्स पर्सन के तौर पर वरीय पत्रकार विकास श्रीवास्तव शामिल हुए.

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आदर्श सेवा संस्थान की ओर से आयोजित किया गया था एक दिवसीय कार्यशाला

कार्यक्रम के दौरान जहां एक ओर बच्चों को देश में सूचना क्रांति, मीडिया के विभिन्न अयामों की जानकारी दी गई, वहीं बच्चों ने अपनी कलात्मकता से पोस्टर पत्रिका का प्रकाशन किया. अखबार का स्वरूप तैयार करने और खबर लिखने और तस्वीरों को समाचार में जगह देकर उसकी खूबसूरती बढ़ाने वाले वह बच्चें थे जिन्होंने अखबार तो देखा था, लेकिन रद्दी की ढेर में फेंका पड़ा. एक पन्ने में पूरी अखबार को उतारने वाले बच्चों में एक से दो ही बच्चें थे जिन्होंने कभी गाहे बगाहे अखबार पढ़ा होगा.

पांच ग्रुप में सात-सात की संख्या में बैठे बच्चों ने इस कार्यशाला में कुल पांच अखबार तैयार किया. सबसे खास बात रही कि बच्चों ने अखबार का नाम देने से लेकर खबर को लिखना, उसका संपादन, चयन और स्थान देने का निर्णय खुद से लिया. इसके पूर्व प्रत्येक ग्रुप ने अपना एक संपादक का चयन किया, जिसके नेतृत्व में अखबार का प्रकाशन किया गया. कई ने खबरों के साथ अखबार के लिए विज्ञापन के उद्देश्य को समझते हुए उसे भी बखूबी जगह दिया.

रचनात्मकता के साथ नेतृत्व क्षमता का विकास करना है उद्देश्य

लाइफ स्कूल ट्रेनिंग वर्कशॉप का उद्देश्य ऐसी बस्तियों में रह रहे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उन्हें जीने की कला सिखाने की है. इसमें से कई ऐसे बच्चे थे जिनकी पारिवारिक पृष्टभूमि आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी दयनीय है. पारिवारिक माहौल ऐसा है कि बच्चों का स्कूल छूट चुका था. लेकिन इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बच्चों ने न केवल फिर से स्कूल जाना शुरू कर दिया है बल्कि अब वे दूसरे बच्चों को भी प्रेरित कर रहे हैं. लाइफ स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम से इन बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ रचनात्मकता का एक मंच मिल रहा है. खेल खेल में अखबार लिखने, प्रकाशित करने जैसी पहल से उनके अंदर टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है.

सूचना संचार का इतिहास जानकर उत्साहित दिखे बच्चे

कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के तौर पर मौजूद पत्रकार विकास श्रीवास्तव ने बच्चों को देश-दुनिया में सूचना संचार की शुरूआत कैसे हुई और किस किस माध्यम से सूचना का आदान प्रदान होता था, इस संबंध में बारीकी से जानकारी दी. साथ अखबार, रेडियो, टीवी, इंटरनेट जैसे माध्यमों से सूचना के क्षेत्र में आई क्रांति को भी बताया. अखबार का इतिहास और देश के पहली पत्रिका जैसी रोचक जानकारी से बच्चे काफी उत्साहित थे.

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