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Ghatshila : घाटशिला कॉलेज में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती 

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  • तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा दिवस का समापन सोमवार को

फतेह लाइव रिपोर्टर

घाटशिला कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की जयंती को तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया. प्रथम दिन का कार्यक्रम भाषण प्रतियोगिता से प्रारंभ हुआ. इसमें स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शन विषय पर प्रतिभागियों ने अपना वक्तव्य दिया. भाषण प्रतियोगिता में कॉलेज के 30 छात्र-छात्राएं भाग लिये. इसमें इंटर सेक्शन से प्रिया अधिकारी प्रथम एवं अनामिका भक्त द्वितीय स्थान प्राप्त की. यूजी से सेमेस्टर टू की अनुष्का दत्ता प्रथम, उत्पल प्रधान द्वितीय एवं रंजिता हेम्ब्रम को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया. इस भाषण प्रतियोगिता का संयोजन राजनीतिक विज्ञान विभाग डॉ एसपी सिंह एवं इतिहास विभाग के डॉ कुमार विशाल ने किया. इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ संदीप चंद्र, डॉ एसपी सिंह एवं डॉ कन्हाई बारिक शामिल थे.

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प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत के आध्यात्मिक राजदूत थे. उन्होंने अपने अल्पकालीन जीवन में मानव कल्याणार्थ जिस अध्यात्मवाद तथा भारतीय दर्शन के मौलिक सिद्धांतों का प्रतिपादन किया और प्राणीमात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया, वह संसार के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा. स्वामी विवेकानंद यह मानते थे कि शिक्षक का स्थान पिता से भी बढ़कर है. अतएव शिक्षक को चरित्रवान और पवित्र होना ही है. विवेकानंद जी विद्यार्थियों के आवश्यक गुण के संबंध में बतलाए कि उनमें ज्ञान प्राप्ति की सच्ची लगन होनी चाहिए तथा शिक्षकों के प्रति अत्यंत आदर भाव रखना चाहिए.

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स्वामी विवेकानंद ने अपने 30 वर्ष की आयु में 11 सितंबर 1893 ई को अमेरिका के शिकागो में आयोजित सर्वधर्म समन्वय सभा में अपने ऐतिहासिक भाषण के क्रम में कहा था कि जिस प्रकार नदी का उद्गम स्रोत एक होता है, परंतु उससे सहस्त्रों धाराएं फुटती हैं, उसी प्रकार सभी धर्म का स्रोत एक ही स्थान पर है. प्राचार्य डॉ चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भरता, संघर्ष और समाज की सेवा का महत्व सिखाया है. इसी कारण उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ पीके गुप्ता ने किया. भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम का संचालन डॉ एसपी सिंह ने किया. इस मौके पर शिक्षक एवं काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.

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