Giridih : उपायुक्त रामनिवास यादव ने PM-JANMAN एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा की

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  • विकासात्मक योजनाओं की समयबद्ध प्रगति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के कल्याण पर विशेष फोकस

फतेह लाइव, रिपोर्टर

गिरिडीह जिला के उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में PM-JANMAN एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA JGUA) के तहत कार्यान्वित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में अभियान से जुड़ी सभी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई और लक्ष्य अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ अनुसूचित जनजाति समुदाय और बिरहोर परिवारों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का भी निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध क्रियान्वयन और गति शक्ति पोर्टल पर डेटा संधारण की जिम्मेदारी सौंपते हुए सतत मॉनीटरिंग की जरूरत पर बल दिया.

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विकास योजनाओं की समीक्षा और पारदर्शिता पर जोर

बैठक के दौरान जिला उपायुक्त ने जिला स्तरीय सभी संबंधित विभागों को अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अनेक कार्य सौंपे. साथ ही बिरहोर इलाकों में टेलीकॉम कनेक्टिविटी का लक्ष्य पूरा करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया. गिरिडीह जिले के आठ पीवीजीटी क्षेत्रों में बगोदर, सरिया और गांवा प्रखंडों के बिरहोर परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने को प्राथमिकता दी जाएगी. उपायुक्त ने रोड कनेक्टिविटी, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण, सोलर ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने विभागों से संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और जनजातीय समुदाय को समुचित लाभ पहुंचाने का आग्रह किया.

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टेलीकॉम, स्वास्थ्य एवं जल जीवन मिशन में सुधार के निर्देश

उपायुक्त रामनिवास यादव ने पीएम उज्ज्वला योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि 148 गांवों में योग्य और वंचित परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए. जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में विद्यालयों के लिए अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण शीघ्र पूरा करने और छात्रावास के निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने को भी कहा गया. इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को मत्स्य पालन और पशुपालन योजनाओं से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया. वन अधिकार पट्टे से आच्छादित कर जनजातीय समुदायों को संरक्षण देने की भी बात कही गई. बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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