फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर के लोयोला स्कूल, बिष्टुपुर में गुरुवार को बहुधार्मिक प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। यह विद्यार्थियों के प्रार्थना और चिंतन की एक शांत और प्रेरणादायक सुबह थी।

शुभारंभ शुभम करोती कल्याणम, गायन एवं रेक्टर फादर माइकल टी. राज, प्रिंसिपल फादर विनोद फर्नांडीस, जमशेदपुर धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर डेविड विंसेंट जयराज, लोयोला स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल फादर विक्टर मिस्क्विथ, वाइस प्रिंसिपल जयंती शेषाद्री, ब्रह्मा कुमारी पायल बहन, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अमीरुल हसन कासमी और ज्ञानी रामप्रीत सिंह जी द्वारा दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर ” का भावपूर्ण गायन भी हुआ। रेक्टर फादर ने सभा को संबोधित करते हुए सभी से शांति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस्लामी संदेश ने समस्त मानवता के लिए प्रेम, करुणा और अच्छाई के मूल्यों को प्रतिध्वनित किया, जबकि ईसाई चिंतन ने न्यायपूर्ण व्यवहार करने, शांति फैलाने और विनम्रता से चलने का आह्वान किया। पारसी धर्म का सिद्धांत ‘हुमाता, हुख्ता, हुवरश्ता’ – अच्छे विचार, अच्छे शब्द और अच्छे कर्म – ने सभी को याद दिलाया कि अच्छाई हमारे विचारों से शुरू होती है और हमारे शब्दों और कार्यों में अर्थ पाती है। सिख धर्म का संदेश ‘सरबत दा भला’, यानी सभी का कल्याण, समानता, विनम्रता, करुणा और निस्वार्थ सेवा पर बल देता है।
प्रिंसिपल फादर विनोद फर्नांडीस के अनुसार सच्ची शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों के प्रति सहानुभूति, सम्मान और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को सभी धर्मों के प्रति सहिष्णु रहने, सभी की गरिमा का सम्मान करने और शांति, करुणा और सेवा के मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में उतारने पर जोर दिया।




































