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Giridih : समाहरणालय सभागार में पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बीएलएस ट्रेनिंग का आयोजन

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  • आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक तकनीकों से लैस किया गए पैरामेडिकल स्टाफ

फतेह लाइव, रिपोर्टर

समाहरणालय सभागार में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) ट्रेनिंग का आयोजन किया गया, जिसमें पैरामेडिकल स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित व प्रभावी जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हृदय गति रुकने, दम घुटने, और अन्य गंभीर परिस्थितियों में सही समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना था. प्रशिक्षित व्यक्तियों को आपात स्थिति में आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए यह प्रशिक्षण स्कूल, कॉलेज के छात्रों, सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों और आसपास के गांवों के समुदाय के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया.

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जीवन रक्षक सहायता और पेशेवर चिकित्सा सहायता के बीच समय की कमी को कम करना

बीएलएस प्रशिक्षण एक आपातकालीन चिकित्सा तकनीक है, जो जीवन रक्षक कौशल में दक्ष बनाती है. इसमें कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर), वायुमार्ग प्रबंधन और हृदय गति रुकने जैसी गंभीर परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया शामिल है. इस प्रशिक्षण से पैरामेडिकल स्टाफ को आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने की क्षमता मिलती है, जिससे व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिलती है. बीएलएस के तहत प्रशिक्षित व्यक्तियों की संख्या बढ़ाकर, समुदाय की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया जाता है, और चिकित्सा सहायता के पहुंचने तक की अवधि को कम किया जा सकता है.

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ट्रेनिंग कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थिति

बीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल के अधिकारी, OT Assistant और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, डोरण्डा तथा राजधनवार के चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे. इस कार्यक्रम के माध्यम से पैरामेडिकल स्टाफ को पेशेवर चिकित्सा सहायता देने में सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें जीवन रक्षक तकनीकों में दक्ष किया गया, जिससे वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकें.

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