कमलेश कुमार बोले अब मान हानि का दावा करूंगा और लड़ता रहूंगा, कौन-कौन रडार पर अंदर पढ़ें, पूरा मामला
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
टाटानगर रेलवे स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर सह इंचार्ज एमके साहू को एक और दर्द देने वाला मामला प्रकाश में आया है। आरटीआई कार्यकर्त्ता के अनुसार एमके साहू फिलहाल सब इंस्पेक्टर बन गए हैं। अब वह उनके ऊपर मानहानि का केस करने की तैयारी में लग गए हैं। उनके आलावा आरपीएफ के एएसआई रंजीत कुमार, गणेश चंद्र मल्लिक, देव कुमार प्रसाद, जीआरपी के सेवानिवृत इंस्पेक्टर सरजू सुंडी एवं अन्य आईओ मिंज है, जिन्हें उन्होंने रडार पर लिया है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार गत 2019 में तत्कालीन थाना प्रभारी आरपीएफ एमके साहू के समय 23 जुलाई को गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ के एएसआई रंजीत कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ इस्पात ट्रेन में छापामारी की थी। राखामाइंस स्टेशन पर जब वह बोगी में जांच कर रहे थे तो उन्होंने 67 पैकेट में केंदु पत्ता जब्त किया। तभी बिरसानगर जोन नंबर चार निवासी तापस कुमार महापात्रा उनकी वीडियो बना रहे थे। रोकने पर तापस उलझ गए और सरकारी कार्य में बाधा, रंगदारी मांगने और धमकी देने लगे। तापस के मोबाइल को जब उलझने पर जब्त किया गया तो उस वीडियो को कमलेश कुमार को सेंड करने की बात उजागर हुई थी। उसके बाद जीआरपी में मामला सुपुर्द किया गया और तापस को जेल भेज दिया गया था।
जांच डायरी में कमलेश को भी बनाया गया था आरोपी
मामले में समाजिक और आरटीआई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता कमलेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया था। उसके बाद 19 अगस्त 2019 को जमशेदपुर के एडीजे कोर्ट से कमलेश कुमार अग्रिम जमानत पर थे। न्यायलय की लंबी प्रक्रिया के बाद गुरुवार को कमलेश कुमार के साथ तापस को भी रेलवे कोर्ट से बा इज्जत बरी कर दिया गया। कमलेश कुमार की ओर से जमशेदपुर के अधिवक्ता एस रहमतुल्लाह पैरवी कर रहे थे। जहां एडीजे ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कमलेश कुमार को जमानत दी, वहीं, रेलवे कोर्ट ने भी साक्ष्य ना साबित होने पर दोनों पक्ष को बरी कर दिया। गवाही में सभी सरकारी पदाधिकारियों ने कहा की मौके वारदात पर कमलेश कुमार को उन्होंने नहीं देखा।
कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
कमलेश कुमार ने इस फैसले के बाद फतेह लाइव को बताया कि उन्हें रेलवे न्यायलय पर भरोसा था कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। साच को आंच कैसी? आरपीएफ और जीआरपी के जिन लोगों ने उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया है वह जल्द ही मानहानि का दावा करते हुए सबको कोर्ट में घसीटेंगे। रेलवे कोर्ट के इस फैसले से अब मनोबल और बढ़ गया है। उस समय चोरी की घटनाओं को लेकर वह सामाजिक कार्यकर्ता होने का दायित्व निभा रहे थे। इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया था। अब और जोरदार तरीके से वह देश द्रोह लोगों का भंडाफोड़ करेंगे, जो भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वैसे आपको बता दें कि शीर्षक का तात्पर्य कमलेश कुमार से है जो रेलवे और आसपास के क्षेत्र में लड़ाकू विमान के रूप में जाने जाते हैं।




































