बोले – समरसता संकल्प अभियान संत गुरु रविदास जी के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती पर पावन कलश यात्रा का जमशेदपुर बीजेपी महानगर द्वारा भव्य एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत, काले ने भी किया नमन
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित “समरसता संकल्प अभियान” के अंतर्गत काशी (वाराणसी) से पूजित पावन कलश झारखंड पहुँचा। रांची से प्रस्थान कर जमशेदपुर आगमन पर डोबो ब्रिज में पावन कलश यात्रा का भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा भव्य, गरिमामय एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके समरसता, समानता, सामाजिक न्याय, मानवता तथा सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने पावन कलश यात्रा में सहभागी बनकर यात्रा का पुष्व वर्षा कर स्वागत किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी के उपदेश सदैव हमारे हृदय में विराजमान रहेंगे। उनका संपूर्ण जीवन मानवता, समानता, सामाजिक समरसता एवं सेवा का जीवंत संदेश है। उन्होंने जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सम्मान और समान अवसरों पर आधारित समाज की परिकल्पना की, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का “समरसता संकल्प अभियान” संत गुरु रविदास जी के विचारों एवं आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का एक प्रभावी एवं सार्थक प्रयास है। यह अभियान सामाजिक समरसता, समावेशी विकास, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
काले ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज जी के विचार केवल किसी एक समाज या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक समरस, सशक्त, न्यायपूर्ण एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने संत गुरु रविदास महाराज जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।
















