महामंत्री के नाते एनएस पर संजीव चौधरी का कड़ा से कड़ा निर्णय स्वीकार्य
एनएस के कमेटी मेंबरों ने टुन्नू चौधरी के बाद सतीश के आवास पर दी धमक
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
टाटा वर्कर्स यूनियन के एनएस के कमेटी मेंबरों ने सोमवार को अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी के आदित्यपुर आवास पर धावा बोला तो मंगलवार को सारे कमेटी मेंबर यूनियन महामंत्री सतीश कुमार सिंह के बिष्टुपुर आवास पर धमक गये। खूब सवाल जवाब किया। जानना चाहा कि महामंत्री के नाते वेज रिवीजन की वार्ता में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की भलाई के लिए उन्होंने अभी तक क्या किया है और आगे क्या करेंगे। सतीश सिंह ने वायदा किया कि एनएस के मसले पर वे यूनियन अध्यक्ष के हर निर्णय का साथ देंगे। इस मसले पर उनका कड़ा से कड़ा निर्णय उन्हें स्वीकार्य है।
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के सत्तर फीसदी से अधिक कर्मचारी एनएस ग्रेड के हैं। कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से ओल्ड सीरीज से तुलनात्मक तौर पर टाटा वर्कर्स यूनियन में एनएस ग्रेड के ऑफिस बेयरर्स और कमेटी मेंबर कम है। यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों में एनएस ग्रेड से कोई नहीं है। लंबे समय से एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबरों को छोटे छोटे स्वार्थ में अलग अलग गुटों में विभाजित किया जाता रहा है। मगर कारखाना के भीतर एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के तेवर से कमेटी मेंबर भीतर से हिल गए हैं। इसलिए एनएस ग्रुप में एकजुटता बढ़ रही है।
टुन्नू चौधरी के बाद सतीश सिंह के आवास पर भी एनएस के कमेटी मेंबरों ने वही एकजुटता दिखाई। सबकी जुबान एक जैसी और मांग भी। 30 फीसद एमजीबी, डीए प्रति प्वाइंट वैल्यू 6 रुपए और सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत कराने की मांग की गई। एनएस की एमजीबी में सीलिंग की चर्चा पर भी एनएस के कमेटी मेंबर भड़के हुए थे। यह भी घोषणा की गई कि ओल्ड सीरीज के जो भी कमेटी मेंबर एनएस की मांगों का विरोध किए अथवा साथ नहीं दिए तो यूनियन के अगले चुनाव में सामूहिक प्रचार कर उन्हें हराया जाएगा।




