सरजामदा गुरुद्वारा के स्थापना दिवस में देर रात तक चले समागम में संगत का रहा जुटान, भगवान सिंह समेत कई जन प्रतिनिधि सम्मानित
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में परसुडीह के सरजामदा गुरुद्वारा साहिब का 65 वां स्थापना दिवस संगत और स्थानीय लोगों ने गुरू की गोद में मनाया. श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के बीच रविवार देर रात तक संगत का समागम में जुटान रहा और गुरवाणी रस में लीन रही. इस अवसर पर सरजामदा सिख नौजवान सभा एवं समस्त संगत के सहयोग से आयोजित विशेष धार्मिक समागम में विशेष कर पंजाब के अमृतसर से पहुंचे विख्यात कथावाचक ज्ञानी मंजीत सिंह ने गुरू के इतिहास और गुरवाणी के उपदेशों से संगत को गुरू घर से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. कथावाचक ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु साहिबानों के बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है.

उन्होंने सिख सिद्धांतों को अपनाने, सेवा, सिमरन, सत्य, अनुशासन और मानवता के मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया तथा गुरमत के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी. समागम के दौरान भाई गुरदीप सिंह निक्कू ने गुरू महिमा का गुणगान करते हुए संगत को गुरुवाणी से निहाल किया. साथ ही अकाल ढाडी जत्था जमशेदपुर की बीबीयों (महिलाओं) ने भी संगत में गुरवाणी के राग वारों से संगत में जोश भरा.

इन्हें किया गया सम्मानित
कीर्तन दरबार में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला, सलाहकार सुरेन्द्र सिंह शिंदे, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, भाजपा नेता दिनेश कुमार, मुखिया सुमी कराई, नागी मुर्मू, बसंती गुप्ता, सोमा देवी, कुसुम पूर्ति, आग़ाज़ संस्था के संस्थापक अध्यक्ष इंदरजीत सिंह, रंजीता गांधी ने माथा टेक गुरु घर का आशीर्वाद लिया एवं नौजवान सभा द्वारा सभी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कीर्तन का आनंद लिया तथा गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया.

सभा के प्रधान जगप्रीत सिंह जेडी ने कहा कि संगत के सहयोग से सिख नौजवान सभा विगत 3 वर्षों से गुरुद्वारा साहिब का स्थापना दिवस बहुत ही श्रद्धा के साथ मना रही है. साथ ही गुरुद्वारा साहिब द्वारा समाज में भाईचारे, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार में सेवा निभाई जा रही है. इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच गुरू का अटूट लंगर भी वितरित किया गया.
इन्होंने निभाया सहयोग
समारोह का समापन सरबत के भले की अरदास के साथ देर रात हुआ। कीर्तन दरबार को सफल बनाने में मुख्य रूप से गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान रविन्द्र सिंह, सचिव बलबीर सिंह, स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सरबजीत कौर, सचिव हरनीत कौर, मीत प्रधान जस कौर, सभा के प्रधान के साथ बलदेव सिंह, सन्नी सिंह, शिवकर सिंह, गोविन्द, सुखविंदर सिंह, लखविंदर सिंह आदि का सहयोग रहा.




