राजधानी रांची में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में सिख समाज का शक्ति प्रदर्शन
गुरमुखी को द्वितीय भाषा का दर्जा और अकादमी गठन की मांग भी गूंजी
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रांतीय कार्यालय में मंगलवार को सिख समाज की समस्याओं, अधिकारों और भविष्य की मांगों को लेकर बड़ा जमावड़ा हुआ। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 500 सिख प्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और गुरुद्वारा प्रबंधकों ने एक सुर में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू को आयोग का अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई। यह विशेष कार्यक्रम ज्योति सिंह माथारू का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित किया गया था।

ज्योति सिंह माथारू के नेतृत्व में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सिख समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। गुरमुखी को द्वितीय भाषा का दर्जा देने, गुरमुखी अकादमी की स्थापना, एससी वर्ग के अधिकार और जाति प्रमाण पत्र जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ज्योति सिंह माथारू द्वारा अतिथियों के बुके और माल्यार्पण कर स्वागत के साथ हुई।
बच्चों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दें : केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने ज्योति सिंह माथारू के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से सिख समाज की समस्याओं को लेकर लगातार गंभीर और संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और राहत का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने सिख समाज से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। केशव महतो ने कहा कि सिख समाज अपने पुरुषार्थ और मेहनत के बल पर खड़ा स्वाभिमानी समाज है और उसे किसी औपचारिक परिचय की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिख समाज की मांगों और समस्याओं को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
माथारू कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं : सुबोध कांत सहाय
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि ज्योति सिंह माथारू लगातार राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा कर अल्पसंख्यक समाज की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनके समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने माथारू को कांग्रेस पार्टी का पुराना, निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता बताया, जो हर परिस्थिति में जनता के बीच मौजूद रहता है।
गुरमुखी अकादमी और भाषा दर्जे की मांग फिर हुई तेज
झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सिख समाज की लंबे समय से मांग रही है कि झारखंड में गुरमुखी भाषा को अन्य मान्यता प्राप्त भाषाओं की तर्ज पर द्वितीय भाषा का दर्जा दिया जाए और राज्य में गुरमुखी अकादमी की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि सिख समाज को उम्मीद है कि ज्योति सिंह माथारू को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने से समाज की इन लंबित मांगों को मजबूती मिल सकती है।
कांग्रेस के प्रति फिर बढ़ रहा सिख समाज का भरोसा : गुरमुख सिंह मुखे
सीजीपीसी के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने कहा कि 1984 के बाद सिख समाज के एक बड़े वर्ग का कांग्रेस के प्रति विश्वास कमजोर हुआ था। हालांकि, ज्योति सिंह माथारू को झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद सिख समाज का झुकाव और भरोसा फिर बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि यदि माथारू को आयोग का चेयरमैन बनाया जाता है तो सिख समाज के कई लंबित और अधूरे कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
एससी वर्ग के अधिकार और जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा भी उठा
सीजीपीसी के पूर्व सचिव जसबीर सिंह पधरी ने एससी वर्ग के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ओबीसी सर्वे तो कराया गया, लेकिन एससी वर्ग के लोगों की स्थिति और समस्याओं को लेकर भी गंभीर पहल की जरूरत है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में एससी समाज को उनके अधिकार सुनिश्चित करने और पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग रखी।
शायरी से हुआ स्वागत, माथारू के काम की सराहना
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह काका ने अपने शायराना अंदाज में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ज्योति सिंह माथारू ने अपने कार्यकाल में समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं और उन्हें अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया जाना सिख समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
24 घंटे समाज की सेवा के लिए तैयार हूं : ज्योति सिंह माथारू
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू ने सभी अतिथियों और राज्य भर से पहुंचे प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। माथारू ने कहा कि समाज की सेवा के लिए उनके दरवाजे 24 घंटे खुले हैं और वह लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर काम करते रहेंगे।
500 प्रतिनिधियों ने एक स्वर में उठाई चेयरमैन बनाने की मांग
बैठक का सबसे अहम मुद्दा ज्योति सिंह माथारू को झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की मांग रही। झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 500 सिख प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधकों ने इस मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
वक्ताओं का कहना था कि माथारू के नेतृत्व में अल्पसंख्यक और सिख समाज अपनी समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने में सक्षम हुआ है। ऐसे में उन्हें आयोग की जिम्मेदारी दिए जाने से समाज की लंबित मांगों और अधिकारों के मुद्दों को और मजबूती मिल सकती है।
कार्यक्रम में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के पूर्व महासचिव शैलेंद्र सिंह, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, सीजीपीसी के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे, राजेंद्र सिंह चहल, अकाली दल के प्रधान रविंद्र सिंह, आनंद सलूजा, डीएस नरुला, हरपाल सिंह हीरे, सतपाल सिंह, हरचरण सिंह सिद्धू, बेरमो से गुरमीत सिंह, परमजीत सिंह सेठी, तविंदर सिंह, हरजीत सिंह, परमजीत सिंह चन्ना, रिंकू सिंह, तारा सिंह, हरमीत सिंह, हरभजन सिंह, जसपाल सिंह पदरी, कुशल सलूजा, रोमन सिंह, संदीप सिंह, राजवंत सिंह मारवाह, गुरदीप सिंह काका, कुलदीप सिंह, दलबीर सिंह पदरी, टुइलाडुंगरी कमेटी के राजा सिंह और भगत सिंह समेत झारखंड के विभिन्न जिलों से आए गुरुद्वारा प्रबंध समितियों के पदाधिकारी एवं सिख समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।
































